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’13 साल की दुल्हन, 42 साल का दूल्हा….’, पूरी करनी थी शर्त, इसलिए शादी की

Minor Marriage: पोते के लिए बहू लाने की शर्त पर 13 साल की पोती का विवाह 42 वर्षीय व्यक्ति से तय कर दिया था। विवाह की तारीख 25 अप्रैल भी तय हो गई थी।
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इंदौर

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Astha Awasthi

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Updated: 21 May 2026, 5:54 PM IST

Child marriage case:

Child marriage case: (Photo Source: AI Image)

Child marriage case: एमपी में इंदौर शहर के राऊ क्षेत्र में एक अनोखा मामला सामने आया है। यहां पर पोते की शादी और अपने घर में बहू लाने की शर्त पूरी करने के बदले दादा ने 13 वर्षीय पोती का विवाह 42 साल के एक अधेड़ से मंदिर में करा दिया। यही नहीं बच्ची ने जब ससुराल जाने से मना किया तो दादी ने जमकर पिटाई भी कर दी।

बाल कल्याण समिति ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने इस घटना में दूल्हे और दादा-दादी सहित 13 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी रजनीश सिन्हा के मुताबिक राऊ थाना के तहत रंगवासा क्षेत्र में बुजुर्ग दादा ने अपने पोते के लिए बहू लाने की शर्त पर 13 साल की पोती का विवाह 42 वर्षीय व्यक्ति से तय कर दिया था। विवाह की तारीख 25 अप्रैल भी तय हो गई थी।

बच्ची पर बनाया दबाव

गौरतलब है कि बच्ची के पिता की मौत हो चुकी है। बाल विवाह की सूचना पर विभाग की टीम ने समझाइश देकर शादी रुकवाई और परिजन ने लिखित आश्वासन भी दिया था। इसके बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सुपरवाइजर बच्ची पर नजर रख रहे थे, लेकिन मामला चुपचाप आगे बढ़ता रहा। उडऩदस्ता प्रभारी महेंद्र पाठक ने बताया कि बालिका के भाई की पत्नी ने शर्त रखी कि यदि उसकी ननद यानी नाबालिग लड़की उसके चाचा की पत्नी बन गई है और उसे यहां भेजा जाए तभी वह ससुराल लौटेगी। इसके बाद परिजन ने बच्ची पर भी दबाव बनाना शुरू कर दिया।

दूल्हे को लेकर बिना दुल्हन लौटे

पता चला कि दादी ने ससुराल जाने से मना करने पर नाबालिग की पिटाई भी कर दी थी। टीम ने बालिका ने बयान लिए तो उसने बताया कि सांवेर तहसील के ग्राम दयाखेड़ा के लोग प्रशासन को गुमराह कर रात में उसे और 19 वर्षीय भाई को इंदौर से उज्जैन ले गए।

चिंतामन गणेश मंदिर के बाहर दोनों को दूल्हा-दुल्हन के कपड़े पहनाए गए और माला पहनाने के बाद मांग भरकर विवाह करा दिया गया। मंदिर के बाहर शादी के बाद दयाखेड़ा निवासी परिवार दोनों को रंगवासा छोड़ गया और दूल्हे को लेकर बिना दुल्हन के लौट गए। पाठक ने बताया कि इस विवाह के बाद बालिका और उसकी मां फोन पर रंगवासा में नहीं रहने की बात कहती रहीं, लेकिन शादी की जानकारी छुपाई।

दादी की मारपीट के बाद मां ने शिकायत की

बच्ची के साथ दादी ने मारपीट की तो मां ने शिकायत की, तब ये मामला खुला। बाल कल्याण समिति के निर्देश पर उडऩदस्ता प्रभारी ने दस्तावेज जुटाकर एडीसीपी महिला अपराध संध्या राय और थाना प्रभारी राऊ आरएस राठौर से संपर्क किया। पुलिस ने 13 आरोपियों पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पाठक ने बताया कि पिता की मौत के बाद बच्ची की मां ने दूसरी शादी कर ली थी। तीनों बच्चे दादा-दादी के पास रह रहे हैं। पोते-पोती की शादी के लिए फर्जी अंकसूची भी तैयार की गई थी। शिक्षा विभाग जांच कर रहा है। रिपोर्ट आने पर फर्जी दस्तावेज का केस भी दर्ज होगा। वहीं नाबालिग को घर से ले जाने पर अन्य धाराओं में भी कार्रवाई की जाएगी।