कांग्रेस में दिग्गज नेताओं की नियुक्ति पर बवाल, इन बड़े नेताओं ने किया विरोध
इंदौर . पूर्व केंद्रीय मंत्री कमलनाथ को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और ज्योतिरादित्य सिंधिया को चुनाव अभियान समिति का प्रभारी बनाया गया है। चुनावी साल होने की वजह से राज्य से लेकर शहरी स्तर तक बड़े फेरबदल हो रहे हैं। इसी क्रम में प्रवक्ताओं की नियुक्तियां भी हो रही हैं।
पहले से ही आपसी फूट से जूझ रही कांग्रेस को एक करने का जिम्मा अब कमलनाथ और सिंधिया पर है और इन नियुक्तियों के लिए शुरू हुए विरोध को भी इन्हें जल्द से जल्द खत्म करना होगा।
इंदौर से जिन नेताओं को प्रदेश कांग्रेस में प्रवक्ता बनाया गया है, उनकी नियुक्ति पर स्थानीय कांग्रेस नेताओं ने सवाल खड़े किए हैं। साथ ही अंदर ही अंदर विरोध अलग शुरू हो गया है।
जिन्हें प्रवक्ता बनाया गया है, उनमें से कई ने कभी विपक्षी पार्टी के खिलाफ मुंह तक नहीं खोला। ऐसे में बिना बोले ही कई नेता अपने राजनीतिक आकाओं के कारण उपकृत होकर प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता बन गए हैं, जबकि कई कांग्रेसी टैलेंट हंट में इंटरव्यू देकर काबिलियत से इस पद पर आए हैं।
इंदौर से जिन नेताओं को प्रदेश प्रवक्ता बनाया गया है, उनमें शेख अलीम, कविता शुक्ला, रवि डांगी, अमित बिड़वाल, मृणाल पंत और डॉ. अमिनुल खान शामिल हैं। इनकी नियुक्ति को लेकर कांग्रेसियों ने ही सवालिया निशान लगाए हैं।
अलीम और कविता को जहां राष्ट्रीय महिला कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष शोभा ओझा से जुड़े होने का फायदा मिला, वहीं डांगी राऊ से कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी की वजह से और अमित बिड़वाल राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरेजावाला के कारण उपकृत हुए हैं।
युवक कांग्रेस इंदौर लोकसभा अध्यक्ष अमन बजाज से जुड़े डॉ. अमिनुल खान सुरी को भी प्रदेश प्रवक्ता बनाया गया है, जो कि टेलेंट हंट में ३ बार इंटरव्यू देकर प्रदेश प्रवक्ता बने और मृणाल पंत भी अपने दम पर इस पद तक पहुंचे है।
जिन्होंने पहले अपना मुंह नहीं खोला, वे अब क्या खोलेंगे
कांग्रेसियों का कहना है कि यह नेता उपकृत होकर प्रदेश प्रवक्ता तो बन गए। जिन्होंने पहले अपना मुंह नहीं खोला तो अब क्या बोलेंगे? शहर में इनके अलावा केके मिश्रा और नरेंद्र सलूजा पहले से प्रदेश प्रवक्ता हैं। इस तरह अब ७ प्रदेश प्रवक्ता इंदौर में हो गए हैं।
इनके साथ ही मीडिया पैनलिस्ट प्रमोद द्विवेदी को बनाया गया है, जो कि हमेशा विपक्षी पार्टी भाजपा के साथ सरकारी विभागों में होने वाली गड़बड़ी को लेकर मुखर रहते हैं। अब देखना यह है कि चुनावी साल में प्रवक्ताओं की फौज कितना और क्या कमाल दिखाएगी? मालूम हो कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने पिछले दिनों प्रवक्ताओं, संभागीय प्रवक्ताओं, मीडिया पैनलिस्ट, रिसर्च, क्रिएटिव और प्रोडक्शन को लेकर टैलेंट हंट सर्च किया था।
इसमें इंटरव्यू देने वाले कई नेताओं को जहां अपनी काबिलित के आधार पद मिले, वहीं कई नेता अपने आकाओं के कारण उपकृत हुए हैं।