वक्त ने किया, क्या हसीं सितम... आशीष सिंह को लेनी पड़ी लाइफ लाइन तीन सरल सवालों पर लेनी पड़ी लाइफ लाइन, एक्सपर्ट ने दी नसीहत
Indore News.
कल रात प्रसारित कौन बनेगा करोड़पति (KBC 11) की हॉट सीट पर इंदौर नगर निगम कमिश्नर आशीष सिंह (IMC Commissioner) और सुलभ शौचालय के जनक डॉ. विंदेश्वर पाठक बैठे। दोनों ने 12.50 लाख रुपए जीते तो सही, लेकिन तीन बार ऐसा मौका आया जब वे अटके और वो भी आसान से सवालों पर। इसके लिए उन्हें तीन लाइफ लाइन लेनी पड़ी। एक जगह तो निगमायुक्त को एक्सपर्ट ने नसीहत भी दे डाली। यह एपिसोड गांधीजी को समर्पित था। स्वच्छ भारत मिशन को प्रमोट करने के लिए इसमें डॉ. पाठक और सिंह को बुलाया गया था।
पहली लाइफलाइन : ऑडियंस पोल ली
गेम की शुरुआत में ही वे पहली बार तब अटके, जब छठा प्रश्न 20 हजार के लिए पूछा गया। अमिताभ ने पूछा- यह गाना किस अभिनेत्री पर फिल्माया गया है। गीत था- वक्त ने किया क्या हसीं सितम... अमिताभ ने सवाल पूछते हुए कहा कि फिल्में तो आप देखते हैं आशीष जी, इस पर सिंह ने सिर हिलाकर हां कहा। इसके विकल्पों के रूप में वैजयंतीमाला, मीना कुमारी, वहीदा रहमान और मधुबाला का नाम था। दोनों ही प्रश्न पर उलझ गए। सिंह ने ही कहा कि ऑडियंस पोल ले लेते हैं। जवाब आया- वहीदा रहमान। दोनों ने इसी विकल्प को लॉक किया। जवाब सही था, पर अमिताभ ने गाने की पूरी हिस्ट्री बताते हुए कहा कि कभी वक्त मिले तो फिल्म कागज के फूल देखिएगा।
दूसरी लाइफलाइन : एक्सपर्ट एडवाइज ली
40 हजार के लिए सातवां सवाल अमिताभ ने पूछा- मशहूर उपन्यास चंद्रकांता मूल रूप से इनमें से किस भाषा में लिखा गया था? इसके विकल्प थे- हिंदी, उर्दू, बांग्ला, संस्कृत। सिंह ने पहले तो उर्दू को गेस किया, यह कहते हुए कि पढ़ा तो हिंदी में है, लेकिन इसमें उर्दू शब्द हैं तो उर्दू होना चाहिए। फारसी से काफी शब्द लिए गए हैं। खैर दोनों ने लाइफ लेने का फैसला लिया और एक्सपर्ट एडवाइज ली। रोहित सरदाना ने एक्सपर्ट ओपिनियन देने के पहले सिंह से कहा- मुझे लगा कि हमारे कमिश्नर साहब ने चंद्रकांता सीरियल तो पक्का देखा होगा। हमारी और उनकी आयु में बहुत ज्यादा अंतर नहीं है। इसके बाद सरदाना ने उपन्यास की जानकारी देते हुए कहा कि यह हिंदी का उपन्यास था। इस पर सिंह ने सफाई दी कि देवकीनंदन खत्री ने लिखा है, मुझे भी पता है। हिंदी में पढ़ा भी था, लेकिन ओरिजनली किस भाषा में लिखा गया, इस पर कंफ्यूज था। खैर उन्होंने ङ्क्षहदी को लॉक किया और 40 हजार रुपए जीते।
तीसरी लाइफलाइन : फ्लिप द क्वेश्चन ली
1 लाख 60 हजार रुपए के लिए नौवां प्रश्न पूछा कि दुनिया की गांधीजी की सबसे ऊंची प्रतिमा किस शहर में स्थित है? इसके विकल्प थे- मोतिहारी, पटना, रांची और गया। दोनों ही इस सवाल का सही जवाब नहीं जानते थे, इसलिए आशीष सिंह ने सवाल बदलवा दिया। खैर डॉ. पाठक ने गेस किया पटना और वही सही भी निकला, लेकिन उनसे बदला हुआ सवाल पूछा गया, जिसका सही जवाब देने पर 1 लाख 60 हजार रुपए जीते। अमिताभ ने डॉ. पाठक से कहा भी कि आप वहां के रहने वाले हैं तो शायद देखा होगा। कार्यक्रम के दौरान हूटर बजने तक दोनों साढ़े 12 लाख रुपए जीत चुके थे।