इंदौर

LIC भर्ती मामला, हाईकोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला…’तुरंत नियुक्ति दें’

Mp news: हाईकोर्ट ने नौकरी को लेकर बायोमेट्रिक की आवश्यकता और उसमें किसी तरह की दिक्कत आने पर व्यक्ति को नौकरी नहीं देने को गलत करार दिया है।

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Apr 04, 2025

Mp news: एलआइसी में भर्ती मामले पर हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने नौकरी को लेकर बायोमेट्रिक की आवश्यकता और उसमें किसी तरह की दिक्कत आने पर व्यक्ति को नौकरी नहीं देने को गलत करार दिया है। कोर्ट ने टिप्पणी की, मशीन ने किसी को नहीं पहचाना तो उसकी पहचान नहीं खो गई।

हाईकोर्ट जस्टिस सुबोध अभ्यंकर की खंडपीठ ने साफ कहा, किसी व्यक्ति के कानूनी व मौलिक अधिकार को मशीन द्वारा उसे पहचानने में विफलता के कारण सीमित या दरकिनार नहीं किया जा सकता, चाहे जो कारण हों।

कोर्ट में विनोद कुमार मीणा और रचना इरवर ने याचिका दायर की है। आरोप लगाया गया, एलआइसी ने विज्ञापन जारी कर भर्ती निकाली थी। शर्त थी, अभ्यर्थियों का भौतिक सत्यापन बायोमेट्रिक के जरिए टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज कंपनी करेगी। दोनों याचिकाकर्ताओं का भर्ती परीक्षा में फिंगर प्रिंट के जरिए बायोमेट्रिक सत्यापन हुआ था। परीक्षा के बाद मशीन ने बायोमेट्रिक सत्यापन नहीं लिया। फिर भी शॉर्ट लिस्ट किया गया। परंतु जब दस्तावेज सत्यापन के लिए पहुंचे तो वहां सत्यापन नहीं हो पाया।

प्रक्रिया में खामी, नहीं छीन सकते अधिकार

कोर्ट ने आदेश में साफ कहा, बायोमेट्रिक से सत्यापन एक प्रक्रिया भर है। कोर्ट ने टिप्पणी की, जब किसी व्यक्ति को मशीन द्वारा नहीं पहचाना जाता है तो उसकी पहचान नहीं खो जाती।

ऐसी परिस्थिति में उसके दावे को उसके पास मौजूद पहचान संबंधी दस्तावेजों जैसे आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड सहित अन्य दस्तावेजों से सत्यापन किया जा सकता था। ऐसा नहीं करना गलत है। कोर्ट ने इसके साथ ही एलआइसी को आदेश जारी किया कि दोनों याचिकाकर्ताओं को नियुक्ति पत्र जारी करे।

Published on:
04 Apr 2025 11:29 am
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