उफनते नाले पर बने एक पुल की रेलिंग से करीब 6 घंटे तक लटका रहा युवक। 6 घंटे उसे कोई मदद नहीं मिली। आखिरकार दो समाजसेवियों ने प्राइवेट जेसीबी बुलाकर युवक की जान बचाई।
इंदौर। स्वच्छता रैंकिंग में चौथी बार प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर की जल निकासी व्यवस्था की पोल एक ही दिन की बरसात ने खोल दी है। नालों के गहरीकरण और ड्रेनेज समेत बारिश के पानी की व्यवस्थित निकासी के लिए शहर की जनता नगर निगम को टैक्स देती है, उसी नगर निगम का खामियाजा एक य़ुवक को अपनी जान दाव पर लगाकर भुगतना पड़ा। युवक उफनते नाले पर बने एक पुल की रेलिंग से करीब 6 घंटे तक लटका रहा। क्योंकि नाले की सफाई नहीं हुई थी और बारिश का पानी ओवरफ्लो हो गया। हारानी की बात ये रही कि, शहर में बाढ़ के हालात होने के बावजूद युवक को कोई प्रशासनिक मदद नहीं मिली। इस दौरान कई लोगों ने डायल 100 को सूचित भी किया लेकिन, 6 घंटे उसे कोई मदद नहीं मिली। आखिरकार दो समाजसेवियों ने प्राइवेट जेसीबी बुलाकर युवक की जान बचाई।
पुलिया पार करते दौरान नाले के तेज बहाव में गिरा युवक
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उफनाते नाले में फंसा युवक चोइथराम मंडी में हम्माली करता है। वो रात के समय काम से अपने घर लौट रहा था। इस दौरान अमितेष नगर स्थित पुलिया पार करते दौरान अचानक पुलिया पर बहाव तेज हो गया। युवक बहाव में बहने लगा तो उसने तत्काल पुलिया पर लगी जाली पकड़ ली। जान बचाने के लिए वो जाली को सुबह तक पकड़े रहा, इस दौरान वो मदद के लिए गुहार लगाता रहा।
डायल 100 से पहले पहुंची प्राइवेट जेसीबी
अपनी जान की जद्दोजहद करने वाले युवक को जब रास्ते से गुजरने वाले दीपेश नामी युवक ने देखा, तो उसने तुरंत डायल 100 को सूचना दी। युवक के फंसने की सूचना पर समाजसेवी लोकेंद्र दुबे भी मौके पर पहुंचे। लोकेंद्र दुबे और दीपेश ने पुलिस की मदद का इंतजार किया, इसी बीच उन्होंने अपनी ओर से एक जेसीबी को बुलवाया। मौके पर पहुंची जेसीबी ने करीब डेढ़ घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद युवक को बचा लिया गया।
कड़ी मशक्कत और सूझबूझ से बची युवक की जान
नाले का बहाव काफी तेज होने के चलते जेसीबी चालक भी बहाव के नज़दीक जाने को तैयार नहीं हुआ। ऐसे में युवक के रेस्क्यू की मशक्कत काफी बढ़ गई। इस दौरान लोकेंद्र और दीपेश ने बहाब में फंसे युवक की और रस्सी में ईंट बांधकर उसे युवक की तरफ उछाला। इस रस्सी को युवक ने जाली में बांधा और इसी के सहारे उसे बाहर निकाला गया। युवक ने सभी का धन्यवाद किया और अपने घर की और रवाना हो गया।