Minister supporters vandalized toll booth: शिप्रा टोल नाके पर टोल टैक्स नहीं देने को लेकर बड़ा विवाद हो गया। यहां मंत्री के कुछ समर्थकों ने नाके पर तोड़फोड़ की और कैबिन में रखा मॉनिटर निकालकर फेंका।
Minister supporters vandalized toll booth: मध्य प्रदेश के इंदौर में राऊ-देवास बायपास पर स्थित शिप्रा टोल नाके पर उस वक्त बवाल मच गया जब एक कार चालक ने टोल टैक्स देने से इनकार कर दिया। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि मंत्री के समर्थकों ने टोल कैबिन में घुसकर जमकर तोड़फोड़ की। गेट उखाड़ दिए गए, कंप्यूटर मॉनिटर को बाहर फेंक दिया गया और कर्मचारियों को धमकाया गया। पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है, जिससे आम जनता में आक्रोश देखा जा रहा है।
शुक्रवार रात एक कार चालक बिना टोल टैक्स दिए वाहन निकालने की कोशिश कर रहा था। जब टोल कर्मचारी ने उसे रोका तो चालक ने खुद को स्थानीय निवासी बताते हुए टोल देने से साफ इनकार कर दिया। जब कर्मचारी ने नियमों का हवाला देकर टोल देने पर ज़ोर दिया तो चालक ने कथित रूप से किसी मंत्री समर्थक को फोन लगाया और बात कराई। लेकिन टोल स्टाफ ने नियमों का उल्लंघन करने से इनकार कर दिया। यह बात समर्थकों को नागवार गुज़री।
कुछ ही समय बाद, 10 से 12 युवक मौके पर आ धमके और टोल कैबिन में घुस गए। उन्होंने वहां मौजूद कंप्यूटर मॉनिटर उठाकर बाहर फेंक दिया और उसे तोड़ डाला। टोल के गेटों को भी नुकसान पहुंचाया गया। हमलावरों का व्यवहार उग्र था और उन्होंने कर्मचारियों के साथ गाली-गलौच करते हुए जान से मारने की धमकी भी दी। इस घटनाक्रम के दौरान अफरा-तफरी मच गई और मौके का फायदा उठाकर सौ से अधिक वाहन बिना टोल चुकाए निकल गए।
टोल प्लाजा का संचालन कर रही इंद्रदीप कंपनी ने शिप्रा थाना में आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई है। टोल प्रभारी मैनेजर समीर साल्वे ने बताया कि तोड़फोड़ करने वालों ने जानबूझकर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है। साथ ही कर्मचारियों को जान से मारने की धमकी दी गई है। कंपनी का कहना है कि घटना की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
घटना को लेकर शिप्रा थाना प्रभारी का बयान भी सामने आया है। उनका कहना है कि टोल कंपनी की ओर से एक आवेदन प्राप्त हुआ है, जिसके बाद दोनों पक्षों को थाने बुलाकर बातचीत कराई गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, अब दोनों पक्षों में आपसी समझौता हो चुका है। टीआई ने यह भी बताया कि घटना में शामिल लोग स्थानीय ग्रामीण थे और मामला शांतिपूर्वक सुलझा लिया गया है। हालांकि अब तक कोई औपचारिक FIR दर्ज नहीं हुई है।