
इंदौर. खतरनाक मकान गिराने पहुंचे नगर निगम अफसर से मारपीट के मामले में में जेल पहुंचे विधायक आकाश विजयवर्गीय की जमानत के लिए सेशन कोर्ट में अपील की गई। 4 बजे तक जमानत पर असमंजस बरकरार था। दरअसल केस की सुनवाई को लेकर एक पेंच फंस गया था। निगम के वकीलों ने सरकार का नोटिफिकेशन बताते हुए कहा कि सांसद, विधायकों के मामले भोपाल की स्पेशल कोर्ट में चलेंगे, दूसरी ओर आकाश के वकील ने तर्क दिया कि ट्रायल वहां चल जाएगा। आप जमानत दे दीजिए। कोर्ट रूम में भीड़ देखकर जज नाराज हुए और सभी को बाहर जाने के लिए कहा। सिर्फ केस से संबंधित लोग ही कोर्ट में रुके। क्षेत्राधिकार को लेकर हुई बहस बाद कोर्ट ने कहा कि मामले की सुनवाई इंदौर में नहीं होगी। इस हिसाब से अभी आकाश विजयवर्गीय को जेल में ही रहना होगा।
इधर, पुलिस ने विधायक आकाश विजयवर्गीय की एक ओर प्रकरण में गिरफ्तारी ली है। दरअसल एक माह पहले मुख्यमंत्री कमल नाथ का पुतला जलाने को लेकर पुलिस ने आकाश के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। एम जी रोड पुलिस ने जिला जेल जाकर 188 के प्रकरण में जेल में ही गिरफ्तारी ली।
जेल में जाप कर रहे आकाश
जेल में आकश से मिलने पहुंचे जीतू जिराती ने बताया कि आकाश का स्वास्थ्य ठीक है। वह भोलेनाथ के भक्त है, इसलिए लगातार ओम नम: शिवाय का जाप कर रहे हैं। विधायक रमेश मेंदोला ने कहा कि नगर निगम आयुक्त निगमकर्मियों से जबरदस्ती प्रदर्शन करवा रहे हैं। उनकी कांग्रेस के साथ मिलीभगत है।
कल फैसले पर दस्तखत कर चले गए थे जज
दरअसल बुधवार को कोर्ट में बहस के बाद जज डॉ. गौरव गर्ग ने डायस से फैसला नहीं सुनाया था, बल्कि फैसले पर दस्तखत कर चले गए। कारण था कि सैकड़ों की संख्या में बाहर खड़े समर्थकों को जमानत निरस्ती की बात पुलिस बताना नहीं चाहती थी। खास बात रही कि आकाश के वकीलों को भी काफी देर बाद जमानत निरस्त होने की जानकारी मिली। इसका कारण था कि बड़ी संख्या में कोर्ट के बाहर और एमजी रोड पर विधायक समर्थक खड़े थे। पुलिस ने कानून व्यवस्था न बिगड़े, इसके चलते पीछे के गेट से आकाश को निकाला और सीधे जिला जेल के लिए रवाना हो गए। सर्मथकों को कुछ समझ आता तब तक पुलिस आकाश को लेकर निकल गई थी। हालांकि इसके बाद बड़ी संख्या में समर्थक सीधे जिला जेल पहुंच गए, पर तब तक आकाश जेल के अंदर हो चुके थे।