इंदौर

जिस जेल में चार रातें गुजारी उसका विकास करना चाहते है विधायक आकाश विजयवर्गीय

रिहा होने से पहले अफसरों से बोले आकाश- जेल में कुछ कराना हो तो मुझे बताना, विधायक निधि से करवा दूंगा

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Jul 01, 2019
political
जिस जेल में चार रातें गुजारी उसका विकास करना चाहते है विधायक आकाश विजयवर्गीय



इंदौर। नगर निगम अफसर से मारपीट के मामले में जिला जेल गए आकाश विजयवर्गीय बाहर निकलते समय जेल विकास की बात अफसरों से कर आए। चार रात जेल में गुजारने के बाद बाहर निकलते समय आकाश अफसरों से बोले, जेल में कुछ सुधार अथवा विकास कार्य कराना हो तो मुझे बता देना, विधायक निधि से काम करवा दूंगा।
चार रातें जिला जेल में रहने के दौरान आकाश कैदियों के बीच रहे। वार्ड नं. 6 में उन्हें दो वरिष्ठ कैदियों के साथ रखा गया था। वैसे जब शनिवार शाम भोपाल कोर्ट से जमानत होने का पता चला तो अफसरों ने आकाश को सूचना दी। आकाश इतने उत्साहित थे कि रात में ही जेल से बाहर आने को लेकर बात कर रहे थे लेकिन अफसरों ने नियमों का हवाला देकर उन्हें शांत किया। पूरी रात आकाश ने करवटों में ही निकाली। सुबह भी करीब 6 बजे ही वे जेल से बाहर जाने के लिए तैयार हो गए थे। सुबह करीब 6.30 बजे विधायक रमेश मेंदोला जेल पर पहुंच गए थे। भोपाल कोर्ट से जमानत मिलने का आदेश रात 11 बजे जेल पहुंच गया था। अफसर उस समय जेल में ही थे। जेल के रजिस्टर में जमानत के आदेश की इंट्री कर ली गई थी। सुबह जो थोड़ी बहुत प्रक्रिया बची हुई थी वह पूरी की गई। करीब 7.40 बजे आकाश विजयवर्गीय जेल से बाहर आ गए। उस दौरान कुछ ही लोग मौजूद थे जिनके साथ वे जेल से रवाना हुए।
चार रात जेल में गुजारने के बाद आकाश विजयवर्गीय को जेल की चिंता जरुर हो गई थी। समस्या पर उन्होंने बात नहीं की लेकिन जाते जाते जेल अधीक्षक अदिति चतुर्वेदी से बात जरुर की। अधीक्षक से आकाश बोले, जेल में कोई सुधार कार्य करना हो या फिर अन्य कोई विकास कार्य करवाना हो तो आप मुझे जरुर बता देना। विधायक निधि से मैं सारे काम करवा दूंगा। जेल से बाहर जाने के दौरान उन्हें किसी भी बात को लेकर शिकायत नहीं की। रिहाई पर जेल प्रबंधन ने मुख्यालय के साथ ही विधानसभा को भी तुरंत जानकारी पहुंचा दी।

Updated on:
30 Jun 2019 10:09 pm
Published on:
01 Jul 2019 04:04 am