कांग्रेस में प्रदेश से लेकर शहर तक पदों की बंटरबाट हो रही है।
इंदौर. कांग्रेस में प्रदेश से लेकर शहर तक पदों की बंटरबाट हो रही है। ऐसे नेताओं को पद दिया जा रहा है, जिनका पार्टी में न तो कोई खास वजूद है और न ही सक्रियता। विधानसभा चुनाव के चलते गली-मोहल्ले का हर नेता उपकृत हो रहा है। रोचक बात तो यह है कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ अपनी टीम में ऐसे चेहरों को शामिल कर रहे हैं जो कि नए हैं। इनकी नियुक्ति प्रदेश में होने पर अंदर ही अंदर बवाल अलग मचा हुआ है।
प्रदेश और शहर कांग्रेस कमेटी में इन दिनों नेताओं को पदाधिकारी बनाने की बाढ़ आ गई है, क्योंकि दोनों ही बॉडी में हर किसी नेता को प्रवक्ता, उपाध्यक्ष, महामंत्री और सचिव बनाया जा रहा है। रोजाना किसी न किसी नेता को नियुक्ति पत्र मिल रहा है। चाहे प्रदेश का हो या फिर शहर कांग्रेस का। विधानसभा चुनाव के चलते इस तरह पदों की चल रही बंटरबाट को लेकर सवाल अलग खड़े होने लगे हैं, क्योंकि जिन नेताओं की हैसियत शहर कांग्रेस में पदाधिकारी बनने लायक नहीं है वह प्रदेश कांग्रेस कमेटी में पद पाकर प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ की टीम में शामिल हो रहे हैं। कांग्रेस में पद की चल रही बंटरबाट के तहत इंदौर के कई नेताओं को प्रदेश व शहर में एडजस्ट किया गया है। इसमें नाथ सहित हर बड़े नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया, दिग्विजय सिंह, अजय सिंह, अरुण यादव, सुरेश पचौरी, सज्जन सिंह वर्मा और जीतू पटवारी आदि के समर्थक शामिल हैं जो कि पद पाकर उपकृत हुए हैं। गौरतलब है कि पिछले दिनों शहर कांग्रेस कमेटी की कार्यकारिणी घोषित हुई। इसमें पहले 593 पदाधिकारी बनाए गए, लेकिन कई नेताओं के समर्थक पद पाने में सफल नहीं हो पाए। इसको लेकर विवाद अलग हुआ। चुनावी साल में नेताओं की नारजागी न झेलने के चलते शहर कांग्रेस में 200 और पदाधिकारी बनाए गए। इस तरह कुल 793 पदाधिकारियों की शहर कार्यकारिणी होग गई, लेकिन अभी भी रोजाना किसी न किसी की नियुक्ति हो रही और शहर कांग्रेस में पदाधिकारियों की संख्या बढ़ती जा रही है।