इंदौर

डिस्ट्रेक्शन से बचने बाल कटवाए, देश की पहली महिला गोताखोर पलक शर्मा ने सिंगापुर में जीते एक साथ 5 मेडल

MP news: मध्य प्रदेश की बेटी पलक शर्मा ने सिंगापुर इंटरनेशनल एक्वेटिक चैंपियनशिप में पांच मेडल जीतकर रचा इतिहास, सक्सेस पर की बात तो बोलीं...डिस्ट्रेक्शन से बचने के लिए बाल कटवा दिए। मन को मारकर अगर कोई चीज फायदा दे रही है तो हमें उस रास्ते पर जाना चाहिए।
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Updated: 5 Sep 2024, 2:37 PM IST
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भारत की पहली महिला गोताखोर ने सिंगापुर इंटरनेशनल एक्वेटिक चैंपियनशिप में एक साथ जीते 5 मेडल

MP News: भारत की पहली महिला गोताखोर पलक शर्मा (International diver palak sharma) ने सिंगापुर में एक साथ पांच मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है। पलक शर्मा मध्य प्रदेश के इंदौर जिले की रहने वाली हैं।

सिंगापुर में आयोजित सिंगापुर इंटरनेशनल एक्वेटिक चैंपियनशिप (Singapore International Aquatic Championships) में एमपी की बेटी ने तीन गोल्ड, एक सिल्वर और एक ब्रॉन्ज मेडल जीतकर देश का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया है।

पलक ने 30 अगस्त से 1 सितंबर तक हुई सिंगापुर इंटरनेशनल एक्वेटिक चैंपियनशिप (Singapore International Aquatic Championships) में भाग लिया था। इसमें उन्होंने अंडर 19 जूनियर कैटेगरी प्रतियोगिता में तीन गोल्ड मेडल और सीनियर कैटेगरी में एक सिल्वर और एक ब्रॉन्ज मेडल जीता।

बता दें कि इससे पहले पलक भारत की पहली महिला गोताखोर (First International woman diver of India) होने का खिताब अपने नाम कर चुकी हैं। पलक शर्मा बहुत कम उम्र से ही गोताखोरी सिख रही हैं। इसमें उन्हें उनके परिवार का पूरा सपोर्ट मिला है।

डिस्ट्रेक्शन से बचने कटवाए बाल

मीडिया से बातचीत के दौरान पलक ने बताया कि, 'मैं डाइविंग को लेकर हमेशा फोकस रहती हूं। डिस्ट्रेक्शन से बचने के लिए मैंने अपने बाल कटवा दिए। बाल कट जाएंगे तो अच्छी नहीं दिखूंगी इस बारे में कभी नहीं सोचा।

मन मारकर अगर कोई चीज फायदा पहुंचाती है तो हमें उस रास्ते पर जाना चाहिए। पलक ने बताया कि वह सोशल मीडिया का इस्तेमाल नहीं करती और फोन से दूरी बनाकर रखती है।

2028 की ओलंपिक पर है नजर

इंदौर की पलक शर्मा ने बताया कि वह 2028 में होने वाले ओलंपिक में भारत के लिए मेडल जितना चाहती हैं। इसके लिए वह लगातार मेहनत कर रही है। उन्होंने कहा कि 'ओलंपिक मेन गोल है लेकिन, उससे पहले मुझे कई स्टेप्स क्लियर करने हैं।

भारत में अभी सुविधाओं की कमी है, अगर सरकार के द्वारा हमे सुविधाएं मिलेंगी तो हम अच्छी ट्रेनिंग कर पाएंगे और देश का नाम रोशन करेंगे। हमारी कोशिश यही है कि जैवलिन की तरह डाइविंग को भी लोग जाने।

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5 Sep 2024, 2:37 PM IST
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