इंदौर

‘मंत्री कैलाश विजयवर्गीय’ से पंगा लेना पड़ा भारी, SDM को किया सस्पेंड

MP News: मध्यप्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से पंगा लेना देवास एसडीएम को भारी पड़ गया।

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Jan 05, 2026

MP News: मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में अबतक 17 मौतें हो चुकी हैं। बीते दिनों मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के द्वारा एक विवादित बयान दिया था। जिसे लिखना पत्रिका की मर्यादा के खिलाफ है। इसी बयान को लेकर एसडीएम देवास आनंद मालवीय के द्वारा एक आदेश जारी किया गया था। जिसमें प्रशासनिक भाषा की जगह सरकार विरोधी आरोप, आंकड़े और कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी शामिल थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए उज्जैन संभाग आयुक्त आशीष सिंह ने एसडीएम को सस्पेंड कर दिया गया।

दरअसल, 3 जनवरी को देवास एसडीएम कार्यालय से एक आदेश जारी किया गया था। जो कि कांग्रेस द्वारा प्रस्तावित प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने हेतु अधिकारियों की ड्यूटी लगाने से संबंधित था। इसी आदेश में एसडीएम आनंद मालवीय द्वारा हस्ताक्षर किए गए थे। जिसमें लिखा था कि इंदौर में भाजपा शासित नगर निगम द्वारा सप्लाई किए गए मल मूत्र युक्त गंदा पानी पीने से 14 लोगों की मौत हो गई और 2800 व्यक्ति उपचारत है।

कैलाश विजयवर्गीय के बयान को बताया था अशोभनीय

आगे आदेश में लिखा था कि इस संवेदनशील मुद्दे पर प्रदेश सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा पत्रकार के प्रश्न के जवाब में अशोभनीय टिप्पणी का उपयोग करना अमानवीय ओर निरंकुशता की निशानी है। प्रदेश अध्यक्ष माननीय श्री जीतू पटवारी जी के निर्देशानुसार निर्णय लिया गया है की इस अमानवीय व्यवहार के विरोध में भाजपा के सांसद एवं विधायकों के निवास के सामने घंटा बजाकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

लापरवाही मानते हुए निलंबित किया

उज्जैन संभागायुक्त आशीष सिंह ने एसडीएम देवास आनंद मालवीय के आदेश को मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के प्रावधानों के अंतर्गत कदाचरण बताया। साथ ही अत्यंत संवेदनशील मुद्दे पर गलत आंकड़ों के साथ जारी किया गया। जो कि बड़ी प्रशासनिक लापरवाही को दिखाता है।

उज्जैन रहेगा मुख्यालय

म.प्र सिविल सेवा (वर्गीकरण नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 में उल्लेखित प्रावधान अनुसार आनंद मालवीय अनुविभागीय अधिकारी अनुभाग देवास को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। निलंबन काल में इनका मुख्यालय आयुक्त कार्यालय उज्जैन संभाग उज्जैन रहेगा तथा इन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्राप्त करने की पात्रता रहेगी।

Updated on:
05 Jan 2026 02:39 pm
Published on:
05 Jan 2026 02:30 pm
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