
इंदौर अग्निकांड पर बड़ा अपडेट (Photo Source- Patrika Input)
Indore Fire Tragedy :मध्य प्रदेश के आर्थिक नगर इंदौर के बंगाली चौराहे के पास स्थित ब्रजेश्वरी कॉलोनी में बुधवार भोर हुए भीषण हादसे ने पूरे राज्य को सकते में डाल दिया है। कॉलोनी के एक मकान में आग लगने से अबतक परिवार के 8 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। प्रारंभिक जांच में पता चला कि, हादसे का कारण घर के बाहर चार्ज हो रही इलेक्ट्रिक कार थी, जिसमें शॉर्ट सर्किट होने से ये भयावह हादसा हुआ है। एक छोटे से स्पार्क ने इतने बड़े अग्निकांड का रूप धारण कर लिया कि, घर में सो रहे परिवार को संभलने का मौका तक नहीं मिला और 8 लोगों ने जिंदा जलकर अपनी जान दे दी, जबकि 3 लोग गंभीर झुलसने से अब जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं।
हालांकि, इस मामले की गहन जांच शुरु कर दी गई है। लेकिन, अबतक की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि, पुगलिया परिवार ने घर के गेट पर देर रात को अपनी इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग पर लगाई थी। सुबह करीब 4 बजे चार्जिंग पॉइंट में शॉर्ट सर्किट हुआ। हैरानी की बात ये है कि, इसी चार्जिंग बोर्ड के नीचे लाइन से एक साथ 15 सिलेंडर रखे थे। बताया जा रहा है कि, हालही में परिवार में आयोजन था, इसी के लिए ये गैस सिलेंडर भी घर लाए गए थे। ये भी जानकारी सामने आई है कि, जिस सिलेंडर पर चार्जिंग बोर्ड से चिंगारी गिरी उसपर कोई कपड़ा रखा था, जिसने आग पकड़ी और देखते ही देखते उसने सिलेंडर को चपेट में ले लिया। फिर क्या था एक एक कर आसपास रखे भरे हुए चार सिलेंडरों में धमाके हुए, जिसने न सिर्फ मकान के एक हिस्से को बुरी तरह से क्षतिग्रस्त किया, बल्कि एक सिलेंडर धमाके के साथ गेट के बाहर खड़ी कार से जा टकराया, जिससे कार ने भी आग पकड़ ली।
बताया जा रहा है कि, एक के बाद एक चार सिलेंडर फटने से आग पूरी तरह से घर के अंदर ही नहीं, बल्कि बाहर खड़ी कार में भी फैल गई। जबकि, धमाकों की आवाज से पूरा इलाका दहल उठा। ये जानकारी भी सामने आई है कि, ये पूरा घटनाक्रम इतनी तेजी से हुआ कि, मकान का एक हिस्सा ढह गया और अंदर सो रहे लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। आग की चपेट में आने से जिंदा जलकर उनकी मौत हो गई।
बताया जा रहा है कि घटना के समय पुगलिया परिवार के यहां एक पारिवारिक कार्यक्रम था, जिसके चलते बिहार से आई बहन और उनके बच्चे भी घर में रुके हुए थे। यही कारण है कि, जनहानि ने इतना बड़ा रूप ले लिया। अब तक 8 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। हालांकि, शुरुआती जानकारी जब सामने आ थी, तब 7 लोगों की मौत की पुष्टि हुई थी, लेकिन अभी एक अपडेट सामने आया है कि, धमाके के कारण ढहे मकान के हिस्से के मलबे से एक 7 वर्षीय बच्चे का शव मिला है। इस तरह मृतकों की संख्या 8 हो गई है। जबकि 3 घायलों का गंभीर हालत में अस्पताल में इलाज चल रहा है।
जांच में ये भी सामने आया कि, घर के लगभग सभी दरवाजों में इलेक्ट्रॉनिक लॉक लगे थे। आग लगने पर बिजली की सप्लाई बंद हो गई, जिससे ये लॉक खुले ही नहीं। ऐसे में आग भड़कने और धमाकों की आवाजें सुनकर घर के दो-तीन लोग दौड़कर दरवाजे तक भी आ गए, लेकिन लॉक न खुल पाने के कारण अंदर ही फंसे रह गए और दम घुटने से उनकी भी मौत हो गई। बाद में दमकल दल को भी दरवाजे तोड़कर ही अंदर से घायलों और शवों को रेस्क्यू करना पड़ा।
पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह के मुताबिक, तिलक नगर थाना क्षेत्र में सुबह 4 बजे आग लगने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। तीन मंजिला मकान में मनोज सेठिया का परिवार रहता था, जहां से प्रारंभिक कार्रवाई में तीन लोगों को जिंदा बाहर निकाला जा सका है।
1-विजय सेठिया (65 वर्ष)
2-छोटू सेठिया (22 वर्ष)
3-सुमन (60 वर्ष)
4-मनोज (65 वर्ष)
5-टीनू (35 वर्ष)
6-सिमरन (30 वर्ष)
7-राशि सेठिया (12 वर्ष)
8-तनय (7 वर्ष) बाद में ये शव मलबे से मिला
1-सौरभ पुगलिया (30 वर्ष)
2-आशीष (30 वर्ष)
3-हर्षित पुगलिया (25 वर्ष)
Updated on:
18 Mar 2026 01:51 pm
Published on:
18 Mar 2026 11:48 am
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