
illegal colonies (Photo Source - Patrika)
MP News: इंदौर शहर में अवैध कॉलोनियों को हटाने की कार्रवाई शुरु हो गई है। लसूडिय़ा मोरी की अवैध कॉलोनी लुनिया कंपाउंड को काटने वाले कॉलोनाइजर के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराने की तैयारी हो गई है, क्योंकि नगर निगम कॉलोनी सेल के अपर आयुक्त ने क्षेत्रीय बिल्डिंग अफसर से पंचनामा और जांच प्रतिवेदन मांगा है।
यह मिलते ही पुलिस में एफआइआर कराई जाएगी। मामला लोकायुक्त पुलिस में भी चल रहा है। निगम के जोन-22 में आने वाले लसूडिय़ा मोरी में लुनिया कंपाउंड के नाम से अवैध कॉलोनी काटी गई है। इसको लेकर शिकायत पूर्व पार्षद दिलीप कौशल ने अक्टूबर-2024 में इंदौर लोकायुक्त पुलिस से की थी।
पिछले दिनों लोकायुक्त ने निगम से लसूडिय़ा क्षेत्र में पदस्थ रहे 13 बिल्डिंग अफसरों और अन्य मुद्दों को लेकर जानकारी मांगी थी। इसके बाद निगम ने कारवाई तेज कर दी और जोन-22 पर पदस्थ रहे। 13 बिल्डिंग अफसरों के नाम लोकायुक्त को भेज दिए हैं। इसके साथ ही कॉलोनी सेल के अपर आयुक्त मनोज पाठक ने लोकायुक्त जांच के चलते जोन-22 के बिल्डिंग अफसर को कल पत्री जारी कर अवैध कॉलोनी लुनिया कंपाउंड का पंचनामा और जांच प्रतिवेदन मांगा है। ताकि कॉलोनाइजर के खिलाफ पुलिस में एफआइआर दर्ज कराई जा सके।
गौरतलब है कि 7 मई-2025, 9 जनवरी-2026 और 6 अप्रैल- 2026 को भी कॉलोनी सेल ने जोन-22 के बिल्डिंग अफसर को पत्र भेजे थे, लेकिन अब तक रिपोर्ट नहीं मिलने के कारण अपर- आयुक्त पाठक ने कल फिर से पत्र जारी कर पंचनामा और प्रतिवेदन मांगा है। यह मिलते ही एफआइआर के साथ आगामी कार्रवाई की जाएगी।
लोकायुक्त पुलिस महानिदेशक के अवैध कॉलोनी लुनिया कंपाउंड के मामले में प्रतिवेदन निगम से मांगा था। इस पर निगम मुख्यालय के बिल्डिंग अफसर सत्येन्द्र राजपूत ने जोन-22 पर पदस्थ रहे 13 बिल्डिंग अफसरों के नाम लोकायुक्त पुलिस को भेज दिए, क्योंकि इन बिल्डिंग अफसरों पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप है।
जिन बिल्डिंग अफसरों के नाम लोकायुक्त पुलिस को भेजा गया है उनमें महेश शर्मा, दौलत सिंहगुंडिया, अश्विन जनवदे, पीएस कुशवाह, ओपी गोयल, असित खरे, गजल खन्ना, अनूप गोयल, गीतेश तिवारी, शिवराज सिंह यादव, टीना सिसोदिया, विशाल राठौर और सत्येंद्र सिंह राजपूत हैं। इनमें से महेश शर्मा और ओपी गोयल जहां सेवानिवृत्त हो गए हैं, वहीं अनूप गोयल, असित खरे और गजल खन्ना का तबादला हो गया है।
शहर की 400 से अधिक अवैध कॉलोनियों में रह रहे हजारों रहवासियों को संपत्तियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया में अभी भी लंबा समय लग सकता है। दरअसल विभिन्न शासकीय विभागों द्वारा गंभीर आपत्तियां दर्ज किए जाने के बाद यह प्रक्रिया जटिल कानूनी और प्रशासनिक उलझनों में फंस गई है। दरअसल कुछ साल पहले नगर निगम द्वारा 200 से अधिक कॉलोनियों को वैध घोषित किया जा चुका है, लेकिन शेष कॉलोनियां भूमि उपयोग विवाद और अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) के अभाव के कारण अटकी हुई हैं।
Published on:
05 May 2026 04:13 pm
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