-महाशिवरात्रि पर मुस्लिम थाना प्रभारी ने गाया भजन-रामभजन पर झूमता नजर आया थाने का स्टाफ-TI तहज़ीब काजी ने थाना परिसर में कराया शिव भंडारा-सोशल मीडिया पर हो रही पुलिस अफसर की तारीफ
मध्य प्रदेश की आर्थिक नगर इंदौर में एक मुसलमान थाना प्रभारी ने महाशिवरात्रि के मौके पर शिव आराधना में भजन गायन करके देश के साम्प्रदायिक सदभाव और हिंदू - मुस्लिम एकता की मिसाल पेश की है। थाना प्रभारी की रामधुन पर माहौल शिवमय हो गया। अखंड रामायण पाठ, शिव भंडारे का आयोजन के साथ पुलिसकर्मियों समेत थाना प्रभारी ने राम भजन गाए। अब थाना प्रभारी द्वारा गाए भजन के वीडियो को लोग अब सोशल मीडिया पर खासा पसंद किया जा रहा है।
आपको बता दें कि, शहर के संयोगितागंज थाना प्रभारी तहजीब काजी अपनी ड्यूटी के साथ साथ लीग से हटकर काम करने के चलते हमेशा सुर्खियों बने में रहते हैं। कभी इन्हें साइकिल पर सवार होकर पुलिसिंग करते देखा गया तो कभी कसरत, दौड़ लगाकर सुर्खियां बटोरते नजर आए। अब इस बार थाना प्रभारी कौमी एकता की मिसाल पेश करते दिख रहे हैं। आपको बता दें कि, रविवार को थाना प्रभारी तहजीब काजी की तरफ से थाना परिसर में ही शिव भंडारे का आयोजन कराया गया था, जिसमें उन्होंने न सिर्फ थाना क्षेत्र के लोगों के साथ साथ विभाग के अफसरों को भंडारे में आमंत्रित किया, बल्कि राम भजन गाकर आयोजन को भक्तिमय भी किया।
'जाति-धर्म से ऊपर होती है खाकी वर्दी'
कार्यक्रम के संबंध में बताते हुए थाना प्रभारी तहजीब काजी ने कहा कि, थाना परिसर में ही भगवान शिव का प्राचीन मंदिर है। हर महाशिवरात्रि पर परिसर में अखंड रामायण का पाठ होता है। रामायण पाठ का आयोजन थाना प्रभारी समेत सभी हिंदू - मुस्लिम स्टॉफ मिलकर करते हैं। इस दौरान थाना स्टाफ के साथ मिलकर मैंने भी राम भजन गायन किया। मुसलमान होकर भजन गाने के सवाल पर टीआई काजी ने कहा कि, पुलिस का जाति - धर्म कुछ होता नहीं है। तहजीब काजी ने बताया कि, पुलिस के लिए सिर्फ खाकी ही धर्म है। भजन गायन का संदेश यही है कि, पुलिस के लिए सभी धर्म एक समान हैं। पुलिस हमेशा सर्व धर्म समभाव के साथ काम करती है। हम सभी धर्म जाति भूलकर अपनी खाकी का कर्तव्य निभाते हैं। उसके बाद व्यक्तिगत रूप से धर्म का पालन करते हैं।