शहर में नशे का कारोबार युवाओं में किस तरह से फैलता जा रहा है, इसका अंदाजा नारकोटिक्स विभाग की कार्रवाई के बाद पता चला है।
इंदौर. शहर में नशे का कारोबार युवाओं में किस तरह से फैलता जा रहा है, इसका अंदाजा शुक्रवार को नारकोटिक्स विभाग की कार्रवाई के बाद पता चला है। एमसीए स्टूडेंट देवी अहिल्या विश्वविद्यालय सहित अन्य कॉलेजों और स्कूलों में नशा सप्लाय कर रहा था। यही नहीं उक्त आरोपित छात्र के पास से नशे की डिब्बियां मिली हैं। इसके साथी ड्राइवर को भी गिरफ्तार किया है। नारकोटिक्स ने दोनों को एक कॉलेज के गेट पर ही पकड़ा। ज्ञात रहे ‘पत्रिका’ शिक्षण संस्थानों में नशे के कारोबार का खुलासा किया था। इसके बाद से ही नारकोटिक्स विभाग ने कार्रवाई में तेजी लाई।
आरोपी रतलाम से अफीम मंगवाता था। जिसे भारी कीमत पर बेचकर पैसे कमाता था। इसकी पूरी एक प्रोसेस चलती थी। आरोपी कॉलेज गेट पर खड़े होकर स्टूडेंट्स पर नजर रखता था। उसे जो भी स्टूडेंट ऐसा लगता था जो उसकी नशे की लत में पड़ सके उसे अपना निशना बनाता था। पहले पहल तो फ्री खिलाकर आदत डलवाते हैं फिर पैसे लेना शुरू करते हैं।
एडीजी नारकोटिक्स वरुण कपूर ने बताया, शुक्रवार को दीपक बारोलिया (22) निवासी लिंबोदी व मनजीत सिंह (40) निवासी पलसीकर कॉलोनी को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 250 ग्राम अफीम बरामद हुई। इसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत ढाई लाख रुपए है। स्कूल-कॉलेज के छात्रों तक नशा पहुंचने की मिल रही जानकारी के बाद टीआई बीडी त्रिपाठी, सिपाही भूपेंद्र सिंह, देवेंद्र सिंह, सुनील, विकास सिंह चौहान, राकेश, सुरेश यादव को जांच के लिए लगाया। टीम ने खंडवा रोड पर स्थित महाराजा रंजीत सिंह कॉलेज के गेट के पास से दोनों आरोपित को गिरफ्तार किया। दीपक एमसीए द्वितीय वर्ष का छात्र है। वहीं, मनजीत ड्राइवर है। मनजीत रतलाम से अफीम लेकर आता था। इसे वह दीपक को देता। दीपक फिर उसे छोटी डिब्बी में भरकर छात्रों को बेचता था। एक डिब्बी में पांच ग्राम अफीम रहती, जिसकी कीमत दो हजार रुपए वसूली जाती।