निपाह वायरस के खौफ में लोग, कैंसल कर रहे केरल का टूर, गोवा से आने वाले यात्रियों के लिए जांच की सुविधा
इंदौर. केरल के कोझिकोड में निपाह वायरस (एनआईवी) से एक दर्जन मौतों के बाद गर्मियों की छुट्टी में केरल जाने की योजना बना रहे शहर के लोगों में खौफ का माहौल है। टूर बुक करा चुके लोग कैंसिलेशन के लिए पूछताछ कर रहे हैं, वहीं फ्लाइट्स रेट भी गिरने लगे हैं।
फ्रूट बैट कहे जाने वाले चमगादड़ से बीमारी फैलने की खबरों के बीच शहर सबसे ज्यादा भय का माहौल केरला समाज के लोगों में है। वह केरल में रहने वाले परिजनों और छुट्टी मनाने गए सदस्यों के हाल-चाल जानने में जुटे हैं। समाज के प्रवक्ता ऐलेक्स ने बताया, शहर में केरल के 25000 और आसपास 45000 लोग रहते हैं। गर्मियों की छुट्टी के चलते अधिकतर लोग वहां गए हुए हैं। कोझिकोड के कालीकट से इंदौर-कोच्चीवली ट्रेन शुक्रवार को चलती है और रविवार को इंदौर पहुंचती है। ट्रेन के यात्रियों के लिए मडगांव (गोवा) में जांच की व्यवस्था की गई है। टूरिस्ट स्पॉट पर नहीं असरजोस ट्रेवल्स के संचालक टीके जोस ने बताया, केरला में अधिकतर पर्यटक कोच्ची, मुन्नार, एलेप्पी आदि स्थानों पर जाते हैं, यहां वायरस के असर की कोई सूचना नहीं है। वहीं, बिल्डर अभिषेक जैन ने बताया, परिवार के साथ छुट्टी मनाने के लिए 30 मई का पैकेज लिया था, जिसे कैंसल करा रहे हैं। इधर, अधिकतर एयरलाइंस जून माह में कोच्ची तक का किराया 5 हजार रुपए से शुरू कर रही हैं, मई माह की बुकिंग का न्यूनतन किराया 7 से 8 हजार रुपए था।
संक्रमित चमगादड़ और सुअरों के सीधे संपर्क में आने पर मानवों में फैलने की संभावना।
मानव शरीर को ऐसे करता है प्रभावित
प्राकृतिक वाहक : फ्रूट बैट्स (चमगादड़)
- संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से
- पशु-पक्षियों के छुए/काटे फल-सब्जियां खाने से बचें
ये हैं लक्षण
- बुखार
- सिरदर्द
- आलस आना
- भूल जाना
- कोमा में जाना
- भ्रमित होना
उपचार
निपाह वायरस का कोई खास इलाज नहीं है। मरीज की गहन देखभाल ही उपचार है।
प. बंगाल में निपाह से 2001 में 45 और 2007 में 5 मौतें हुई थीं।