
Indore News : बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन गुरुवार को अपने दो दिवसीय मध्य प्रदेश दौरे के लिए इंदौर पहुंच गए हैं। एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल समेत पार्टी के कई नेताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। आपको बता दें कि, नितिन नवीन यहां प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी स्वामित्व योजना के तहत हितग्राहियों को भूमि स्वामी अभिलेख अर्थात रजिस्ट्री वितरण अभियान का औपचारिक शुभारंभ करेंगे।
नितिन नवीन के स्वागत के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने कहा कि, 'ये हमारा सौभाग्य है कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर को हम पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ मना रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि, स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में निशुल्क रजिस्ट्री कराने वाला मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य बन जाएगा।' अभियान के माध्यम से इंदौर और इसके आसपास के क्षेत्रों के लगभग 30 हजार लाभार्थियों को अपनी जमीन और मकान से संबंधित कानूनी अधिकार प्रदान किए जाएंगे।
इससे पहले कार्यक्रम स्थल पर राज्य के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल पहुंचे। आयोजन स्थल पर उपस्थित पार्टी पदाधिकारियों एवं नेताओं ने अतिथियों को अंगवस्त्र ओढ़ाकर उनका आत्मीय स्वागत किया। यहां से रथ पर सवार होकर नितिन नवीन रैली में शामिल हुए। इस दौरान उनके साथ सीएम मोहन यादव, हेमंत खंडेलवाल, कैलाश विजयवर्गीय समेत पार्टी नेता मौजूद रहे।
राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के आगमन और इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम को ध्यान में रखते हुए इंदौर शहर के प्रमुख चौक-चौराहों को विशेष रूप से सजाया गया है। पूरे शहर को पार्टी के झंडों और भगवा पट्टियों से भव्य रूप प्रदान किया गया है, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा वातावरण देखा जा रहा है।
स्वामित्व योजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों की आबादी वाली भूमि का आधुनिक ड्रोन तकनीक के माध्यम से सर्वे कराया गया है। इस सर्वे के आधार पर वहां निवास करने वाले नागरिकों की संपत्ति से जुड़े अधिकारों का आधिकारिक रिकॉर्ड तैयार किया गया। अब प्रदेश सरकार इसी रिकॉर्ड में दर्ज पात्र संपत्तियों की पंजीकृत डीड वितरित करने की प्रक्रिया शुरू कर रही है, जिससे संपत्ति धारकों को वास्तविक मालिकाना हक मिल सकेगा। इंदौर और आसपास के 30 हजार लोगों को आज इसके तहत फ्री रजिस्ट्री मिलेगी।
इस प्रक्रिया की खास बात ये है कि, पात्र लाभार्थियों से किसी भी प्रकार की स्टाम्प ड्यूटी या पंजीयन शुल्क नहीं चुकाना होगा। राज्य सरकार इस वित्तीय भार को खुद वहन करेगी। पूरे राज्य में अब तक 68.11 लाख अधिकार अभिलेख तैयार किए जा चुके हैं, जिनमें से 48.32 लाख व्यक्तिगत संपत्तियों से संबंधित हैं।