
निगम ने एयर क्वालिटी इंडेक्स में शहर को उत्कृष्ट बनाए रखने के लिए नो कार डे मनाने की शुरुआत की है। एक दिन वाहनों का इस्तेमाल कम होने से पर्यावरण सुधार होगा। निगम इसके बेहतर परिणाम होने से अब शहर में प्रति माह एक दिन नो कार डे अभियान चलाने का मन बना रहा है। देअविवि, इनकम टैक्स विभाग, कलेक्ट्रेट, निगम कर्मचारी भी अभियान समर्थन में आगे आए। शहर के 50 से अधिक रहवासी संघ व पेट्रोल डीलर्स भी इससे जुड़ेंगे।
हाई कोर्ट, कलेक्ट्रेट, देअविवि का स्टाफ दोपहिया से आएगा
हाई कोर्ट इंदौर बेंच के प्रिंसिपल रजिस्ट्रार अजय प्रकाश मिश्र के मुताबिक एक पत्र जारी कर आम सूचना दी गई है। इसमें कई कोर्ट कर्मचारियों ने सहमति दी है। अधिकतम लोग चार पहिया वाहन छोड़कर दो पहिया वाहन, साइकिल और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल कर कोर्ट पहुंचेंगे।
अभिभाषक भी शामिल
इंदौर अभिभाषक संघ अध्यक्ष गोपाल कचोलिया के मुताबिक एक पत्र जारी कर सभी को सूचित कर नो कार डे अभियान से जुड़ने को कहा है। कलेक्टर इलैयाराजा टी, निगम कमिश्नर हर्षिका सिंह, पुलिस कमिश्नर मकरंद देउस्कर, डीसीपी व अन्य जनप्रतिनिधि और अफसर भी पब्लिक ट्रांसपोर्ट व दो पहिया वाहनों का इस्तेमाल करेंगे।
महापौर ने दी समझाइश अभियान से शहरवासियों को जोड़ने के लिए गुरुवार सुबह साइकिल रैली निकाली गई। इसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने शाम को अलग-अलग चौराहों पर खड़े होकर अभियान से जुड़ने के लिए लोगों से अपील की।