
इंदौर। कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन की आशंका के चलते वैक्सीनेशन पर जोर है। हालांकि 30- नवंबर तक शत प्रतिशत वैक्सीनेशन के लक्ष्य को इंदौर प्राप्त नहीं कर सका है। संभावित संक्रमण के खतरे को देखते हुए बुधवार से दोनों डोज को लेकर सख्ती शुरू की जाएगी। किराना दुकान, दूधवाले, बैंक और कार्यालयों में काम करने के लिए वैक्सीन के दोनों डोज लगवाने का प्रमाण पत्र चेक किया जाएगा। वैक्सीन के दोनों डोज नहीं लगवाने वाले 17 प्रतिशत असुरक्षित लोग अब भी हमारे बीच में है।
नए वैरिएंट के खतरे के बावजूद लोग मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर लापरवाही बरत रहे हैं। जरूरी है, यह लोग दूसरा डोज लगवाएं और अपने साथ शहर को भी सुरक्षित करें क्योंकि दोनों डोज होने पर एंटीबॉडी वायरस के हमले को कमजोर कर खतरे को कम कर देती है। इसे लेकर कई संगठन प्रशासन के साथ सख्ती शुरू करेंगे।
3.45 लाख से ज्यादा लोग शेष
प्रशासन ने नागरिकों को सुरक्षा कवच के तौर पर 100 प्रतिशत दोनों डोज वैक्सीनेशन के लिए 30 नवंबर तय की थी। वैक्सीन भी पर्याप्त है, लेकिन लोग केंद्रों पर नहीं पहुंच रहे हैं। मंगलवार को 35962 ने वैक्सीन लगवाई है। दोनों डोज के लिए लक्ष्य 28.08 लाख तय था, लेकिन 24.63 लाख लोग दोनों डोज लगवा सकें। 3.45 लाख लोग शेष रह गए। शत प्रतिशत वैक्सीनेशन के लिए शहर के कई संगठनों ने प्रतिबद्धता तय करते हुए 1 दिसंबर से सख्ती का संकल्प लिया। कलेक्टर मनीषसिंह के साथ हुई बैठक में बाजार, औद्योगिक व सामाजिक संगठनों ने तय किया गया था, वैक्सीन नहीं लगवाने वालों को छोटी छोटी असुविधाएं की जाएगी। अनेक संगठन बुधवार से इस पर अमल करने जा रहे हैं।