प्रशासन और नगर निगम ने कसा शिकंजा, बीओ को दिया है चेतावनी पत्र
इंदौर। पुरानी अवैध कॉलोनियों को वैध करने में सरकार के पसीने छूट रहे हैं और शहर में नई कॉलोनियां तेजी से पनपती जा रही हैं। इसको लेकर नगर निगम कॉलोनी सेल प्रभारी ने पिछले दिनों अफसरों पर नकेल कसने का प्रयास किया। बीओ को चेतावनी देते हुए कहा कि आपके क्षेत्र में कॉलोनी कटी तो कार्रवाई होगी। पत्र के बाद कार्रवाई तो नहीं हुई, लेकिन प्रभारी के पास बड़े पैमाने पर शिकायतें पहुंच रही हैं।
इंदौर में अवैध कॉलोनियों की भरमार है। जमीन के जादूगर ओने-पौने दाम पर प्लॉट बेचकर भाग जाते हैं। कुछ समय बाद जब बस्ती तैयार हो जाती है तो नगर निगम पर दबाव बनाया जाता है कि विकास किया जाए। बाद में वोट बैंक का मामला सामने आ जाता है। ऐसी ही पांच सौ से अधिक कॉलोनियों को अब वैध करने की तैयारियां की जा रही हैं तो उससे तीन गुना कॉलोनियों में लोग रह रहे हैं। जहां पर लोग आज भी नरक जैसा जीवन जी रहे हैं और नगर निगम से खफा रहते हैं।
शहर में नई अवैध कॉलोनियां न बस पाएं, इसको लेकर पिछले दिनों नगर निगम के कॉलोनी सेल विभाग के प्रभारी राजेश उदावत ने एक पहल करते हुए सभी जोन के बिल्डिंग ऑफिसर (बीओ) को एक पत्र जारी किया था। उसमें खुला कहा गया कि आपके क्षेत्र में अवैध कॉलोनी काटी जा रही है तो उसकी सूचना दी जाए ताकि कार्रवाई की जा सके। उनकी सूचना नहीं दी जाएगी तो कार्रवाई की जाएगी, जिसके जिम्मेदार भी आप खुद होंगे।
अफसरों को नोटिस दिए जाने के बाद अब तक किसी ने कोई जानकारी नहीं दी है, लेकिन प्रभारी के पास अब शिकायतें आनी शुरू हो गईं हैं। एक नंबर विधानसभा में तैयार चार से पांच कॉलोनियों की जानकारी आ गई। सभी की सूची तैयार की जा रही है। कुछ समय इंतजार करने के बाद दूसरा पत्र जारी करके सभी को रिपोर्ट पेश करने को कहा जाएगा। उसके बाद भी जानकारी नहीं दी गई तो सूची पेश करके आला अफसरों के माध्यम से दोषी बीओ पर कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि सबसे ज्यादा अवैध कॉलोनियां एक नंबर विधानसभा और राऊ में कट रही हैं।
कलेक्टर ने कसी लगाम
गौरतलब है कि कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी ने भी समय सीमा की बैठक में अपने सभी अधीनस्थ एसडीएम व तहसीलदारों को निर्देश जारी कर दिए हैं कि वे क्षेत्र में अवैध कॉलोनी का निर्माण नहीं होने दें। इसको लेकर प्रशासनिक महकमे में भी हड़कंप मचा हुआ है, क्योंकि तहसीलदार से ऊपर के अमले का अब तक इस पर ध्यान नहीं था। नीचे की टीम जिसका काम मैदानी है, वह सांठगांठ के चलते आंखें मूंदकर बैठी हुई है। अब जब आला अधिकारियों ने सख्ती शुरू की तो पूरा अमला हरकत में आ गया है। नई तैयार होने वाली अवैध कॉलोनियों की तलाश की जा रही है।