इंदौर

मनी लॉन्ड्रिंग का डर दिखाकर पिता-पुत्र ने वृद्धा से लूटे 46 लाख रुपए, यूपी से गिरफ्तार

Patrika Raksha Kavach Abhiyan: सीबीआइ, ईडी, पुलिस का डर दिखाकर लोगों की मेहनत की कमाई उड़ाने वाले साइबर ठगों के चेहरे अब बेनकाब होने लगे हैं। 'पत्रिका रक्षा कवच' सीरीज में ठगों के नापाक इरादों के उजागर होने पर जहां पुलिस की कार्रवाई तेज हुई, वहीं लोग जागरूक हो रहे हैं। एमपी में पुलिस ने ऐसे ही दो ठगोरों को गिरफ्तार किया है, तो जागरुकता से लैब टेक्नीशियन और रिटायर्ड बैंक मैनेजर बचे हैं...

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Dec 08, 2024

patrika raksha kavach abhiyan against Crime: मध्य प्रदेश के इंदौर में सीनियर सिटीजन महिला को डिजिटल अरेस्ट कर 46 लाख रुपए ठगने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ। ठगी करने वाले पिता-पुत्र निकले। क्राइम ब्रांच ने दोनों को उत्त रप्रदेश से गिरफ्तार किया है।

दोनों ने फलाह दारेन मदरसा समिति के बैंक खाते 50 प्रतिशत कमीशन पर ठगों को उपलब्ध कराए थे। वे ही इसके मैनेजर भी हैं। जब पुलिस ने दोनों को दबोचा तो चीन का वीपीएन इस्तेमाल कर रहे थे। डीसीपी आरके त्रिपाठी ने बताया, अली अहमद खान (69) और असद अहमद (36) सतोरा गांव कन्नोज (उत्तरप्रदेश) के हैं। असद बीएड ग्रेजुएट और अली अहमद रिटायर्ड शिक्षक है।

यह था मामला

11 सितंबर को वृद्धा ने क्राइम ब्रांच में डिजिटल अरेस्ट के नाम 46 लाख की ठगी की शिकायत की थी। उन्हें ट्राई का अफसर बनकर ठगों ने कॉल किया था। कहा था- सिम का इस्तेमाल अवैध गतिविधियों में हुआ और फर्जी एफआइआर दर्ज होने की बात कह डराया। फिर ड्रग्स, आतंकवाद, मनी लॉड्रिंग से जुड़े करोड़ों के लेन-देन का डर दिखा पहले ४० और बाद में ६ लाख रुपए ट्रांसफर करा लिए थे।

चीन के शंघाई के ट्रांजेक्शन आइडी से ठगी का पैसा ट्रांसफर

असद ने बताया, उसे इंटरनेट से कॉल आते थे। इसी आधार पर वह ठगी के पेशे से जुड़ा। पुलिस जांच में उसकी आइडी के शंघाई से जनरेट होने की बात सामने आई है। आरोपियों से जुड़ा खाता 2 सितंबर 2024 को खुला था। इसी में ठगी के रुपए ट्रांसफर हो रहे थे।

11 सितंबर को वृद्धा से लूटे 46 लाख इसी खाते में गए। हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज हुई तो आरोपियों के खाते ब्लॉक हो गए। इस खाते से 10 से 12 दिन में डेढ़ करोड़ के ट्रांजेक्शन हुए।

ग्वालियर: वही पुरानी स्क्रिप्ट… रिटायर्ड मैनेजर 24 घंटे डिजिटल अरेस्ट

ग्वालियर. दो दिन से मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने का डर दिखाकर दो लोगों को डिजिटल अरेस्ट करने के बाद तीसरे दिन भी ठगों ने यही पुरानी स्क्रिह्रश्वट दोहराई। जनकगंज थाने से 50 कदम की दूरी पर बैंक ऑफ बड़ौदा के रिटायर्ड मैनेजर गणेश नारायण मिश्रा (64) को साइबर ठगों ने निशाना बनाया।

पत्नी मधु मिश्रा (60) को भी 24 घंटे डिजिटल अरेस्ट रखा। कैमरे के सामने बैठाकर जेल का डर दिखाया। कहा, 10 साल की सजा होगी। उम्र का लिहाज कर डिजिटल अरेस्ट किया है, वर्ना पुलिस घसीट ले जाएगी। मिश्रा इतना घबरा गए कि पैसे देने को तैयार हो गए। लेकिन मधु ने बहन को फोन कर घटना बताई, तब रिश्तेदारों और पुलिस ने दंपती को लूटेरों से बचाया।

दहशत ऐसी…

गणेश मिश्रा बैंक ऑफ बड़ौदा की अलीगढ़ ब्रांच में चीफ मैनेजर थे। बेटी बेंगलूरु व बेटा गुना में है। मिश्रा दंपती को शुक्रवार सुबह 9.15 बजे कॉल आया। कॉलर ने ट्राई का अफसर बता पैनिक मैसेज भेजने के आरोप लगाए। फिर वाट्सऐप कॉल पर सीबीआइ अफसर बता बोला- आप जेट एयरवेज के मालिक नरेश गोयल के साथ मनी लॉन्ड्रिंग में थे। आपकी सिम से 538 करोड़ लेन-देन हुआ। रात को सोते वक्त भी फोन बंद करने नहीं दिया।

दमोह: टेक्नीशियन 2 लाख रुपए देने वाला था, बचाया

दमोह. जिला अस्पताल के ब्लड बैंक के टेक्नीशियन अनुपम खरे को ठगों ने दो घंटे तक डिजिटल अरेस्ट रखा। इतना डराया कि वे कमरे में बंद हो गए। आशंका पर परिजनों ने सहकर्मी अमित अठ्या को बताया। अमित ने 'पत्रिका' में साइबर ठगी की खबर पढ़ी थी। उसे आशंका हुई, तुरंत पुलिस को सूचना दी। अनुपम दो लाख रुपए ट्रांसफर करने वाले थे, कि साइबर टीम मौके पर पहुंच गई और अनुपम को बचाया।

भोपाल: निवेश का झांसा, गेल के अफसर से ठगे 1.50 करोड़

भोपाल. शेयर बाजार में फायदे का लालच देकर साइबर ठगों ने भोपाल में गेल इंडिया के जीएम स्तर के अफसर से 1.50 करोड़ रुपए ठग लिए। कंबोडिया से ठगों ने शेयर बाजार में निवेश का झांसा दिया। अफसर से एसीवीवीएल नामक एप्लीकेशन इंस्टॉल कराया।

कुछ समय उन्हें एप्लीकेशन पर निवेश पर फायदा दिखा। जैसे ही डेढ़ करोड़ रुपए निकालने का प्रयास किया, उन्हें ब्लॉक कर दिया। इसके बाद अफसर साइबर सेल से शिकायत की। पुलिस ने जांच की तो पता चला, ठगी के रुपए इंदौर के खाताधारक को भेजे गए। पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया है।

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Published on:
08 Dec 2024 09:37 am
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