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Indian Railway: मार्डन हो गई 60 साल पुरानी ‘नर्मदा एक्सप्रेस’, मिलेंगी एडवांस सुविधाएं

Indian Railway: इस बदलाव के साथ ही ट्रेन की रफ्तार और सफर दोनों बेहतर हो गए हैं।

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Narmada Express

Narmada Express (Photo Source - Patrika)

Indian Railway: मालवा अंचल की पहचान रही 69 साल पुरानी नर्मदा एक्सप्रेस अब नए अंदाज में दौड़ रही है। वर्षों से पुराने आइसीएफ कोच के साथ चल रही थी जिसमें अब आधुनिक एलएचबी कोच जोड़ दिए हैं। छत्तीसगढ़ से नए कोच के साथ ट्रेन जब इंदौर में प्लेटफॉर्म पर लगी तो यात्री भी इसे देखकर चौंक गए। इस बदलाव के साथ ही ट्रेन की रफ्तार और सफर दोनों बेहतर हो गए हैं। एलएचबी कोच के कारण झटके कम महसूस होते हैं, जिससे यात्रियों का सफर ज्यादा आरामदायक हो गया। पहले के मुकाबले ट्रेन में शोर भी कम होता है।

आइसीएफ से एलएचबी: समझिए क्या है फर्क

अब तक नर्मदा एक्सप्रेस में आइसीएफ कोच लगाए जाते थे जो पुराने डिजाइन के भारी डिब्बे होते हैं और इनकी अधिकतम रफ्तार 110-120 किमी प्रति घंटा तक सीमित रहती है। वहीं एलएचबी कोच स्टेनलेस स्टील से बने हल्के और मजबूत होते हैं, जिनमें 160 से 200 किमी प्रति घंटे तक की गति क्षमता होती है। साथ ही इनमें एंटीटेलिस्कोपिक तकनीक और डिस्क ब्रेक जैसी आधुनिक सुरक्षा सुविधाएं भी दी गई हैं, जिससे दुर्घटना के समय नुकसान कम होता है। एलएचबी कोच जर्मन तकनीक पर आधारित होते हैं और सुरक्षा की दृष्टि से आईसीएफ कोचों की तुलना में अधिक उन्नत माने जाते हैं।

LHB कोचों की प्रमुख विशेषताएं

-एंटी-टेलिस्कोपिक डिजाइन, जिससे दुर्घटना में कोच नहीं चढ़ते
- कम झटके और स्मूद यात्रा
- बेहतर सस्पेंशन और ब्रेकिंग सिस्टम
- उच्च गति पर भी बेहतर स्थिरता
- कम शोर और बेहतर रख-रखाव

60 साल पुरानी विरासत, अब आधुनिक रूप

शुरुआत: 1 नवंबर 1957 को सेवा प्रारंभ
नामकरण: मध्यप्रदेश की जीवनरेखा नर्मदा नदी के नाम पर
मार्ग: इंदौर - उज्जैन - भोपाल - इटारसी - जबलपुर - कटनी - अनूपपुर - बिलासपुर
आधुनिकरण: अब ट्रेन को आधुनिक व सुरक्षित एलएचबी कोच में बदला गया
कोच संरचना: कुल 22 एलएचबी कोच (एसी प्रथम, द्वितीय, तृतीय, स्लीपर व जनरल)
यात्रा समय: इंदौर से बिलासपुर तक लगभग 21-22 घंटे
रफ्तार व सुविधा : एलएचबी कोच से सफर ज्यादा स्मूद, सुरक्षित और तेज
संचालन: साउथ ईस्ट सेंट्रल रेलवे जोन द्वारा संचालित

कैसे मिलेगा रिजर्वेशन

-सबसे पहले IRCTC की वेबसाइट या 'IRCTC Rail Connect' ऐप के माध्यम से घर बैठे बुक करें।
-इसके बाद आप किसी भी निकटतम रेलवे स्टेशन के पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) काउंटर पर जाएं और फॉर्म भरें।
-यात्रा से एक दिन पहले सुबह 10:00 बजे (AC) या 11:00 बजे (स्लीपर) से तत्काल कोटा खुलता है।
-रेल वन (Rail One) ऐप का उपयोग भी टिकट बुकिंग के लिए कर सकते हैं।