
इंदौर. मध्यप्रदेश की सियासत में इन दिनों कोरोना वायरस से ज्यादा चुनावी चर्चाएं हो रही हैं। 24 सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए भाजपा-कांग्रेस ने कमर कस ली है। उपचुनाव कब होंगे अभी इसको लेकर तारीखों का एलान नहीं किया गया है लेकिन मध्यप्रदेश में जोड़तोड़ का खेल शुरू हो गया है। उपचुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। इंदौर शहर के पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष कांग्रेस से नाता तोड़ भाजपा में शामिल हो गए हैं। हालांकि ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में शामिल होने के बाद ये अटकलें लगाई जा रही थीं कि वो भी जल्द भाजपा में शामिल हो सकते हैं।
शिवराज की मौजूदगी में ली सदस्यता
शहर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष प्रमोद टंडन ने भाजपा से हाथ मिला लिया। प्रमोद टंडन सिंधिया के खास समर्थकों में माने जाते हैं और पहले भी चर्चा चली थी कि टंडन भाजपा में शामिल हो सकते हैं, लेकिन उस वक्त टंडन ने इसे अफवाह ही बताया था। सोमवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की मौजूदगी में उन्होंने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। इस मौके पर मंत्री तुलसी सिलावट, भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय और भाजपा के अन्य पदाधिकारी मौजूद थे। प्रमोद टंडन ने कहा कि उनकी संगठनात्मक सूझबूझ भाजपा के काम आएगी।
सांवेर पर फोकस
भाजपा का फोकस इन दिनों 24 सीटों पर है। सांवेर विधानसभा से भाजपा के उम्मीदवार तुलसी सिलावट हो सकते हैं। ऐसे में भाजपा में गुटबाजी की भी खबरें आ रही हैं। लेकिन इन सबके बीच भाजपा डैमजे कंट्रोल में लगी हुई है। सांवेर विधानसभा सीट की जिम्मेदारी भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय को सौंपी गई है।
भाजपा में बगावत
सांवेर उपचुनाव से पहले भाजपा में बगावत की खबरें आईं थी। हाल ही में पूर्व सांसद प्रेमचंद गुड्डू कांग्रेस में शामिल हुए हैं। माना जा रहा है कि कांग्रेस, तुलसी सिलावट के खिलाफ प्रेमचंद गुड्डू को मैदान में उतार सकती है।