Indore the Role Model of Cleanliness: देशभर के लिए सफाई के क्षेत्र में गुरू साबित हुआ इंदौर अब वाराणसी को संवारने की तैयारी कर रहा है, दोनों ही शहरों के बीच जल्द ही एमओयू साइन होगा औऱ सफाई के लिए रोल मॉडल बना इंदौर नगर निगम वाराणसी को ट्रेनिंग देगा...
Indore: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी (Varanasi) में उनके स्वच्छता के सपने को पूरा करने के लिए इंदौर नगर निगम सहयोगी बनेगा। इंदौर और वाराणसी नगर निगम के बीच सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए एमओयू (MOU) साइन होगा। मंगलवार 15 जुलाई कोको दोनों निगम (Municipal Corporation) सहित अन्य अफसरों की संयुक्त बैठक वाराणसी में हुई। इसका भारत सरकार के संस्कृति सचिव विवेक अग्रवाल ने नेतृत्व किया।
बैठक में आंकलन किया गया कि आखिर कैसे इंदौर स्वच्छता में देशभर में रोल मॉडल (Role Model Indore)है। वाराणसी नगर निगम बीते वर्ष सर्वेक्षण में 40वीं रैंक के आसपास था। इंदौर अब वाराणसी के लिए रोल मॉडल बनेगा। इसके लिए प्लान तैयार किया जाएगा।
वाराणसी और इंदौर की जनसंख्या लगभग बराबर है, जबकि क्षेत्रफल में वाराणसी छोटा है। वाराणसी में अभी भी घरों से मिक्स कचरा ही निकलता है। यहां सिर्फ तीन स्मार्ट कचरा ट्रांसफर स्टेशन हैं, जबकि इंदौर में 10 हैं। वाराणसी निगम का दल इंदौर में सात दिन रहकर क्लीन मॉडल की प्रायोगिक जानकारी लेगा।
इंदौर नगर निगम वाराणसी को स्वच्छ बनाने के लिए नगर निगम को प्रशिक्षित करेगा। बैठक में नगरीय प्रशासन आयुक्त संकेत भोंडवे, इंदौर कलेक्टर आशीष सिंह, निगमायुक्त शिवम वर्मा, अपर आयुक्त अभिलाष मिश्रा, स्वच्छ भारत मिशन के कन्सल्टेंट अमित सहित अन्य शामिल हुए।
--इंदौर 276 वर्ग किमी और वाराणसी 187 वर्ग किमी क्षेत्रफल में फैला है
--वाराणसी में घरों से अलग-अलग कचरा नहीं निकलता है
--घरों और बाजारों में कचरे के लिए अलग-अलग डस्टबिन नहीं है
--मिक्स कचरे का उचित निष्पादन नहीं
--इंदौर में 27 हाइटेक स्विपिंग मशीन हैं, वाराणसी में 01 ही है।
--वाराणसी में मॉनिटरिंग सिस्टम नहीं
--वाराणसी में जागरुकता नहीं
--घर-घर कचरा संग्रहण।
--गीला-सूखा कचरा सेग्रिगेशन।
--कचरे का रिसाइकल।
--कचरा ट्रांसफर स्टेशन।
--स्विपिंग मशीन।
--सफाई व्यवस्था
--सफाई की निगरानी।
--जनजागरूकता अभियान
--शत प्रतिशत कचरे का निपटान