इंदौर

‘मंत्रीजी, यहां तो उद्योग की जमीन पर बस गई पूरी अवैध कॉलोनी’

मामला बीआरटीएस पर बसे सर्वानंद नगर का, नगर निगम के जिम्मेदारों की आंखों के सामने हुआ खेल

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Apr 25, 2018
sarvanand nagar indore

इंदौर। शिवराज कैबिनेट में खेल मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने उद्योग की जमीन पर शोरूम खोले जाने के नाम पर सवाल खड़े किए। इंदौर में तो सारी हदें पार हो गईं। मास्टर प्लान में आरक्षित उद्योग की जगह पर अवैध कॉलोनी कट गई। शोरूम के अलावा बड़े होटल भी बन गए। चौंकाने वाली बात ये है कि ये सब नगर निगम के जोनल कार्यालय के सामने हुआ।
सर्वानंद गृह निर्माण सहकारी संस्था ने पीपल्याराव की जिस जमीन पर सर्वानंद नगर नाम की कॉलोनी काटी है, उसका मास्टर प्लान में भू उपयोग औद्योगिक है। संस्था के पास करीब १५ एकड़ जमीन थी, जिस पर जमीन के जादूगर बॉबी छाबड़ा का कब्जा था। सैकड़ों सदस्य प्लॉट लेने के लिए लाइन में लगे रहे, लेकिन नए सदस्य बनाकर जमीन बेच दी गई। कॉलोनी अवैध होने से नगर निगम अधिकृत तौर पर नक्शा पास नहीं कर सकता।

जब नक्शा पास नहीं होगा तो भवन निर्माण की अनुमति मिलना संभव नहीं है। इसके बावजूद कॉलोनी के कई प्लॉट पर मकान बन गए। दो-तीन बड़े होटल भी तन गए। लोगों ने मकान बनाकर होस्टल का कामकाज शुरू कर दिया, जिसमें मोटी रकम हर माह उनके हाथ लग रही है। लगातार इमारतें बन रही हैं, लेकिन सरकारी महकमे की ओर से देखने वाला कोई नहीं है, जबकि अवैध निर्माण न हों, ये देखने के लिए जवाबदार नगर निगम है।

ठीक सामने बिलावली जोनल कार्यालय
कॉलोनी के ठीक सामने बिलावली जोन का कार्यालय है। कॉलोनी में एक के बाद एक मकान, मल्टी, होटलें और होस्टल तन गए, वह भी बिना नक्शे के। इस पर अफसरों ने आपत्ति ली न अवैध निर्माण पर कार्रवाई की। हाल ही में खेल व युवा मंत्री सिंधिया ने उद्योग की जमीन पर शोरूम की बात कही। उनका यह भी कहना है कि ऐसे लोगों की जमीन का नियमन किया जाता है तो पहले उनसे भारी जुर्माना वसूल किया जाना चाहिए। ऐसा है तो सरकार को सर्वानंद नगर से भी मोटा टैक्स मिल सकता है।

सीएम हेल्पलाइन में शिकायत, निगम अफसरों ने की खत्म
गौरतलब है कि सर्वानंद नगर में धड़ल्ले से अवैध निर्माण हो रहे थे। आसपास के रहवासियों ने सीएम हेल्पलाइन में भी शिकायत की। निचले स्तर पर शिकायत की जांच की गई और माना गया कि अवैध निर्माण हो रहा है, लेकिन अपर लेवल पर फाइल पहुंची और मामला ठंडे बस्ते में चला गया। सीएम हेल्पलाइन से शिकायत का फर्जी तरीके से निराकरण भी हो गया।

उद्योग की जमीन पर आवासीय मकान व होटलों का निर्माण हो रहा है तो हम उसकी जांच कराएंगे। जवाबदारों ने कुछ कार्रवाई नहीं की इसको लेकर मैं कुछ नहीं कहंूगा। वैसे भी सरकार अवैध कॉलोनियों के नियमितीकरण को लेकर संवेदनशील है।
देवेद्रसिंह, अपर आयुक्त

Published on:
25 Apr 2018 11:23 am