इंदौर

डिजिटल दान से स्मार्ट भक्ति, रील्स से प्रभु के दर्शन, लगाए क्यूआर कोड

#DigitalDonation मंदिरों की हाइटेक व्यवस्था : बदलते दौर की नई तस्वीर, 40 फीसदी तक ऑनलाइन दान

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Apr 05, 2023
डिजिटल दान से स्मार्ट भक्ति, रील्स से प्रभु के दर्शन, लगाए क्यूआर कोड

भूपेन्द्र सिंह@इंदौर. देश के प्रमुख मंदिरों की तर्ज पर स्थानीय प्राचीन मंदिर भी हाइटेक हो गए हैं। डिजिटल ट्रांजेक्शन से हाल ही में खजराना गणेश का दरबार भी जुड गया। करीब डेढ़ साल पूर्व रणजीत हनुमान मंदिर में यूपीआइ ट्रांजेक्शन के लिए क्यूआर कोड लगाए थे। दान काउंटर पर दो स्विङ्क्षपग मशीन भी रखी है, ताकि भक्त कार्ड से भी दान कर सकें। इसका प्रतिसाद अच्छा मिल रहा है। हर माह डेढ़ से दो लाख रुपए क्यूआर कोड से प्रबंध समिति को मिल जाते हैं।

वायरल एक्टिविटी
कुल दान में 35 से 40 फीसदी दान ऑनलाइन मिल रहा है। सोशल मीडिया पर भी भगवान के दर्शन कराए जा रहे हैं। मंदिरों की ओर से रील्स भी जारी की जा रही है। यह स्थिति बदलते दौर की नई तस्वीर पेश कर रही है। खजराना गणेश मंदिर के पुजारी अशोक भट्ट ने बताया कि दो साल पहले ऑनलाइन दान की व्यवस्था की गई थी, लेकिन रिस्पांस नहीं मिला। श्रद्धालुओं की डिमांड पर कुछ दिन पहले 8-10 जगह क्यूआर कोड लगाए हैं।

ऑनलाइन दान से भक्त और प्रबंधन को आसा
- भक्तों को रुपए रखने की जरूरत नहीं होती। खुल्ले पैसे का भी झंझट नहीं रहता।
- मंदिर प्रबंधन के बैंक खाते में राशि तुरंत पहुंच जाती है। दान का हिसाब बैंक स्टेटमेंट में रियल टाइम में शो होता है।
- खाते में तुरंत रुपए आने से प्रबंधन मंदिर कार्यों में राशि खर्च कर सकता है। दान पेटियां निर्धारित समय पर खोली जाती हैं, जिसका इंतजार करना पड़ता है।

दर्शन के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म
खजराना गणेश और रणजीत हनुमान मंदिर समितियों ने फेसबुक पेज, वाट्सएप ग्रुप, इंस्टाग्राम आइडी, ट्विटर और यू-ट्यूब चैनल बना रखे हैं। यह सुविधा काफी पहले से है, लेकिन कोरोना काल में ऑनलाइन दर्शन का चलन बढ़ा। लाइव आरती, श्रृंगार और भोग दर्शन के फोटो-वीडियो रोजाना लाखों भक्तों तक पहुंच रहे हैं। विशेष मौकों पर रील्स भी जारी की जाती है, जो काफी वायरल होती है।

यू-ट्यूब पर लाइव आरती
- खजराना गणेश के दर्शन के लिए श्री गणेश मंदिर खजराना अशोक भट्ट के नाम से फेसबुक पेज है।
- मंदिर में रोज होने वाली आरती को यू-ट्यूब पर लाइव किया जाता है। मंदिर के करीब 70 पुजारियों ने भी अपने फेसबुक पेज और ग्रुप बना रखे हैं।
- भक्तों ने भी अपने स्तर पर सोशल मीडिया का नेटवर्क खड़ा किया है।
- रणजीत हनुमान मंदिर के भी सभी प्लेटफॉर्म पर आइडी है।

Published on:
05 Apr 2023 08:59 pm
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