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सिर चढ़कर बोल रहा है इन कोर्स का जादू, छात्रों को मिल रहें है ज्यादा मौके

MP News: इस साल प्लेसमेंट का ट्रेंड साफ तौर पर बदलता नजर आया। इंजीनियरिंग में कंप्यूटर साइंस (सीएस) और आइटी का दबदबा रहा तो मैनेजमेंट में मार्केटिंग और फाइनेंस सबसे ज्यादा पसंद किए गए।

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CS AI course demand

CS AI course demand सिर चढ़कर बोल रहा है इन कोर्स का जादू

CS AI Course Demand: इंदौर डीएवीवी में इस साल प्लेसमेंट का ट्रेंड साफ तौर पर बदलता नजर आया। इंजीनियरिंग में कंप्यूटर साइंस (सीएस) और आइटी का दबदबा रहा तो मैनेजमेंट में मार्केटिंग और फाइनेंस सबसे ज्यादा पसंद किए गए। खास बात है कि इस पूरे ट्रेंड के पीछे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स और बदलती इंडस्ट्री डिमांड बड़ा कारण बनकर सामने आए हैं।

क्यों आगे रहा सीएस-आइटी सेक्टर?

विशेषज्ञों के मुताबिक इसका सबसे बड़ा कारण एआइ और डेटा एनालिटिक्स का तेजी से बढ़ता उपयोग है। आज कंपनियां ऐसे उम्मीदवार चाहती हैं, जिन्हें कोडिंग के साथ एआइ टूल्स की समझ भी हो। पहले जो काम अलग- अलग प्रोफाइल (जैसे यूएल-यूके डिजाइन) करते थे, अब एआइ टूल्स से होने लगे हैं। ऐसे में सिर्फ बेसिक स्किल्स वाले विद्यार्थियों की मांग घट रही है, जबकि टेक्निकल समझ और मल्टी-स्किल वाले विद्यार्थियों को ज्यादा मौके मिल रहे हैं। साथ ही ग्लोबल मार्केट, खासकर अमरीकी बाजार में अनिश्चितता के कारण पारंपरिक कोर इंजीनियरिंग सेक्टर में हायरिंग थोड़ी कम हुई है, जबकि आइटी और कंसल्टिंग कंपनियों की संख्या बढ़ी है। डेटा एनालिटिक्स और टेक बेस्ड कंपनियों की संख्या बढऩे से भी सीएस-आइटी के विद्यार्थियों को ज्यादा मौके मिले हैं।

कोर्स सीटीसी (लाख में)

  • कंंप्यूटर इंजीनियरिंग 9.95
  • आइटी इंजीनियरिंग 8.35
  • एंड टेलीक्युनिकेशन 5.92
  • एंड इंस्ट्रूमेंटेशन 5.42
  • केमिकल 5.66
  • सिविल 7.6
  • कंपनिज विजिटेड कोर 55
  • सर्विस आधारित कंपनियां 27
  • बिजनेस एनालिस्ट और अन्य 32

इंजीनियरिंग: 421 ऑफर, सीएस-आइटी सबसे आगे

  • टेक्निकल एजुकेशन में 421 प्लेसमेंट ऑफर मिले। इनमें सबसे ज्यादा 124 विद्यार्थी कंप्यूटर इंजीनियरिंग और 115 आइटी इंजीनियरिंग से प्लेस हुए। 89 इलेक्ट्रॉनिक्स एंड टेलीक्युनिकेशन, 38 इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंस्ट्रूमेंटेशन, 46 मैकेनिकल व 9 सिविल इंजीनियरिंग के छात्रों को जॉब मिली।
  • पैकेज की बात करें तो इंजीनियरिंग में अधिकतम 62 लाख रुपए और औसत पैकेज 7.74 लाख रहा। वहीं एमटेक (आइटी) में 20 विद्यार्थियों का प्लेसमेंट हुआ, जिसमें सबसे बड़ा पैकेज 72 लाख तक पहुंचा। एमसीए के 26 विद्यार्थियों को जॉब मिली, जहां अधिकतम पैकेज 12.50 लाख रुपए रहा।

मैनेजमेंट: मार्केटिंग और फाइनेंस की सबसे ज्यादा डिमांड

मैनेजमेंट सेक्टर में इस बार 92 कंपनियां आईं, जिनमें 253 विद्यार्थियों का प्लेसमेंट हुआ। 100 विद्यार्थी एमबीए मार्केटिंग, ह्युमन रिसोर्स में 27, एमबीए फाइनेंस में 70, और ई-कॉमर्स में 12 विद्यार्थी प्लेस हुए।

मैनेजमेंट में मार्केटिंग- फाइनेंस क्यों आगे?

डीएवीवी के सेंट्रल प्लेसमेट सेल के डॉ. अवनीश व्यास के अनुसार मार्केटिंग और फाइनेंस दोनों अंब्रेला फील्ड हैं, जिनके अंदर कई सब-सेक्टर्स आते हैं। डिजिटल मार्केटिंग, सेल्स, ब्रांडिंग, ई-कॉमर्स- ये सभी मार्केटिंग के ही हिस्से हैं, इसलिए यहां जॉब के अवसर ज्यादा हैं। इसी तरह फाइनेंस में कोर फाइनेंस, एनालिटिक्स, इन्वेस्टमेंट जैसे कई विकल्प हैं, जिससे इसकी डिमांड बनी हुई है। इसके अलावा डेटा एनालिटिक्स और बिजनेस एनालिस्ट प्रोफाइल्स की मांग तेजी से बढ़ी है। विद्यार्थियों को बेहतर पैकेज भी इन्हीं क्षेत्रों में मिले हैं।

AI बदल रहा प्लेसमेंट का खेल

प्लेसमेंट ट्रेंड में सबसे बड़ा बदलाव एआइ के कारण आया है। अब विवि में भी हर विषय में एआइ को शामिल किया जा रहा है। डीएवीवी के सेंट्रल प्लेसमेंट सेल के प्रो. गोविंद माहेश्वरी मानते हैं कि आने वाले सालों में वही छात्र आगे रहेंगे, जिनके पास कोर सब्जेक्ट के साथ एआइ और टेक्नोलॉजी की समझ होगी। इन आंकड़ों से साफ है कि टेक्नोलॉजी स्किल, डेटा की समझ और बदलते ट्रेंड के अनुसार खुद को अपडेट करना अब जरूरी हो गया है। साथ ही मैनेजमेंट में भी पारंपरिक डिग्री से ज्यादा स्किल बेस्ड स्पेशलाइजेशन अहम होता जा रहा है।