
CS AI course demand सिर चढ़कर बोल रहा है इन कोर्स का जादू
CS AI Course Demand: इंदौर डीएवीवी में इस साल प्लेसमेंट का ट्रेंड साफ तौर पर बदलता नजर आया। इंजीनियरिंग में कंप्यूटर साइंस (सीएस) और आइटी का दबदबा रहा तो मैनेजमेंट में मार्केटिंग और फाइनेंस सबसे ज्यादा पसंद किए गए। खास बात है कि इस पूरे ट्रेंड के पीछे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स और बदलती इंडस्ट्री डिमांड बड़ा कारण बनकर सामने आए हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक इसका सबसे बड़ा कारण एआइ और डेटा एनालिटिक्स का तेजी से बढ़ता उपयोग है। आज कंपनियां ऐसे उम्मीदवार चाहती हैं, जिन्हें कोडिंग के साथ एआइ टूल्स की समझ भी हो। पहले जो काम अलग- अलग प्रोफाइल (जैसे यूएल-यूके डिजाइन) करते थे, अब एआइ टूल्स से होने लगे हैं। ऐसे में सिर्फ बेसिक स्किल्स वाले विद्यार्थियों की मांग घट रही है, जबकि टेक्निकल समझ और मल्टी-स्किल वाले विद्यार्थियों को ज्यादा मौके मिल रहे हैं। साथ ही ग्लोबल मार्केट, खासकर अमरीकी बाजार में अनिश्चितता के कारण पारंपरिक कोर इंजीनियरिंग सेक्टर में हायरिंग थोड़ी कम हुई है, जबकि आइटी और कंसल्टिंग कंपनियों की संख्या बढ़ी है। डेटा एनालिटिक्स और टेक बेस्ड कंपनियों की संख्या बढऩे से भी सीएस-आइटी के विद्यार्थियों को ज्यादा मौके मिले हैं।
मैनेजमेंट सेक्टर में इस बार 92 कंपनियां आईं, जिनमें 253 विद्यार्थियों का प्लेसमेंट हुआ। 100 विद्यार्थी एमबीए मार्केटिंग, ह्युमन रिसोर्स में 27, एमबीए फाइनेंस में 70, और ई-कॉमर्स में 12 विद्यार्थी प्लेस हुए।
डीएवीवी के सेंट्रल प्लेसमेट सेल के डॉ. अवनीश व्यास के अनुसार मार्केटिंग और फाइनेंस दोनों अंब्रेला फील्ड हैं, जिनके अंदर कई सब-सेक्टर्स आते हैं। डिजिटल मार्केटिंग, सेल्स, ब्रांडिंग, ई-कॉमर्स- ये सभी मार्केटिंग के ही हिस्से हैं, इसलिए यहां जॉब के अवसर ज्यादा हैं। इसी तरह फाइनेंस में कोर फाइनेंस, एनालिटिक्स, इन्वेस्टमेंट जैसे कई विकल्प हैं, जिससे इसकी डिमांड बनी हुई है। इसके अलावा डेटा एनालिटिक्स और बिजनेस एनालिस्ट प्रोफाइल्स की मांग तेजी से बढ़ी है। विद्यार्थियों को बेहतर पैकेज भी इन्हीं क्षेत्रों में मिले हैं।
प्लेसमेंट ट्रेंड में सबसे बड़ा बदलाव एआइ के कारण आया है। अब विवि में भी हर विषय में एआइ को शामिल किया जा रहा है। डीएवीवी के सेंट्रल प्लेसमेंट सेल के प्रो. गोविंद माहेश्वरी मानते हैं कि आने वाले सालों में वही छात्र आगे रहेंगे, जिनके पास कोर सब्जेक्ट के साथ एआइ और टेक्नोलॉजी की समझ होगी। इन आंकड़ों से साफ है कि टेक्नोलॉजी स्किल, डेटा की समझ और बदलते ट्रेंड के अनुसार खुद को अपडेट करना अब जरूरी हो गया है। साथ ही मैनेजमेंट में भी पारंपरिक डिग्री से ज्यादा स्किल बेस्ड स्पेशलाइजेशन अहम होता जा रहा है।
Published on:
25 Apr 2026 05:09 pm
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