
Shilpu bhadoriya murder case verdict: मृतक शिल्पु भदौरिया(photo:patrika)
Shilpu bhadoriya murder case: शहर में दस साल पहले एक होटल में हुए शिल्पू भदौरिया हत्याकांड में सेशन कोर्ट ने तीनों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश विश्व दीपक तिवारी की कोर्ट में ये बात साबित हो गई कि तीनों ने पहले शिल्पू के साथ बैठकर शराब पी, फिर उसका गला घोंटकर उसे होटल की चौथी मंजिल से नीचे फेंक दिया था। कोर्ट ने तीनों को हत्या की धारा में आजीवन कारावास और साक्ष्य मिटाने की धाराओं में 7-7 साल की सजा सुनाई।
अपर लोक अभियोजक श्याम दांगी ने बताया, इंदौर की यह घटना 7 अगस्त 2016 की रात करीब 9 बजे हुई थी। आरएनटी मार्ग स्थित होटल लेमन ट्री के कमरा नंबर 418 में दोस्तों के साथ ठहरी शिल्पू पिता रमेशसिंह भदौरिया निवासी गायत्री विहार ग्वालियर का शव होटल की तल मंजिल पर पड़ा मिला था। उसके साथ ठहरे आशुतोष पिता सुधाकर जोहरे, शैलेंद्र पिता पवन सारस्वत और नीरज पिता हर्ष कुमार दंडोतिया तीनों निवासी ग्वालियर ने पुलिस को बताया था कि शिल्पू ने होटल की गैलरी से कूदकर आत्महत्या की है।
उनका कहना था कि वे तीनों होटल के रूम में बैठकर शराब पी रहे थे। शिल्पू, आशुतोष को शराब पीने से रोक रही थी, लेकिन वह नहीं माना। इस बात को लेकर शिल्पू नाराज होकर गैलरी में चली गई और वहां से कूद गई। पुलिस ने मामले में जांच शुरू की तो धीरे-धीरे हत्याकांड की परतें खुलने लगीं।
कोर्ट में शासन की ओर से पक्ष रखने वाले एजीपी दांगी के मुताबिक पुलिस को घटना स्थल से आपत्तिजनक सामग्री भी मिली थी। इस बात की पुष्टि भी हुई कि आरोपितों ने इस सामग्री का उपयोग भी किया था। तीनों आरोपितों में से एक ने होटल में कमरा बुक किया था। हत्यारों ने पुलिस को बरगलाने के लिए कहा था कि शिल्पू की मौत चौथी मंजिल से गिरने की वजह से हुई, लेकिन पीएम रिपोर्ट और डॉक्टर के बयान से यह साबित हुआ कि शिल्पू की मौत दम घुटने से हुई।
मृत्यु से पहले उसने आरोपितों से संघर्ष भी किया था। उसके नाखूनों में आरोपियों की त्वचा भी पाई गई। पीएम रिपोर्ट में यह बात सामने आई कि तीनों युवकों ने पहले शिल्पू के साथ बैठकर शराब पी, फिर उसका गला घोंटकर उसे चौथी मंजिल से फेंक दिया।
शिल्पू की हत्या के बाद तीनों ने इस बात के सबूत मिटाने की भी कोशिश की थी। कोर्ट में गवाहों के बयानों के साथ ही मेडिकल साक्ष्य और अन्य साक्ष्य भी पेश किए गए, जिसके आधार पर हत्या करने और साक्ष्य मिटाने के आरोप सिद्ध हो गए। इसके बाद कोर्ट ने तीनों को आजीवन कारावास के साथ ही 7-7 साल की सजा और 1000-1000 रुपए अर्थदंड भी लगाया है।
Published on:
25 Apr 2026 09:42 am
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