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एमपी में 54 हजार सरकारी स्कूल एक शिक्षक के भरोसे, ‘AAP’ नेता संजय सिंह का बड़ा बयान

AAP leader Sanjay Singh : 'आप' नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने इंदौर में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा कि, एमपी में जल्द ही पार्टी का विस्तार किया जाएगा।

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AAP leader Sanjay Singh

AAP leader Sanjay Singh (राज्यसभा सांसद संजय सिंह का बड़ा बयान Photo Source- Patrika)

Indore News :मध्य प्रदेश के आर्थिक शहर इंदौर में आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने एक बार फिर केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार के साथ साथ पुरानी कांग्रेस सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि, एमपी में जल्द ही पार्टी का विस्तार किया जाएगा। हमारी पार्टी आम आदमी के मुद्दे को लेकर राजनीति करेगी।

'आप' पदाधिकारियों के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने इंदौर आए राज्यसभा सांसग संजय सिंह ने पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि, राज्य में 10 साल में 24 हजार स्कूल बंद हुए हैं। 54 हजार सरकारी स्कूल एक शिक्षक के भरोसे हैं। इंदौर में ही चूहे के काटने से 2 बच्चों की मौत हो गई, अस्पतालों की ऐसी हालत है। सरप्लस बिजली वाले राज्य एमपी में 9 रुपए यूनिट बिजली मिल रही है। इंदौर में दूषित पानी पीने से कई लोगों की मौत हो गई है। देश के सबसे स्वच्छ शहर में भी लोगों को पीने के लिए साफ पानी तक नहीं मिल रहा है। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि, भाजपा सिर्फ देश की राजनीतिक पार्टियों को तोड़ने में लगी हुई है।

कांग्रेस ने स्पोर्टिंग कैंडिडेट ही खड़ा किया, ऐसा क्यों हुआ, कांग्रेस से पूछिए?

पंजाब के बारे में संजय सिंह ने कहा कि, अगली बार वहां फिर से आप की सरकार बनेगी। अपराध में यूपी नंबर वन है। कई मामलों में एमपी भी नंबर वन पर है। पंजाब में शिक्षा का स्तर देश में 27वें नंबर पर था। सिर्फ चार साल के भीतर ही आप की सरकार ने इसे नंबर वन बना दिया है। मीनाक्षी नटराजन प्रकरण पर चर्चा करते हुए सांसद संजय सिंह ने कहा कि, कांग्रेस ने स्पोर्टिंग कैंडिडेट ही खड़ा किया। ऐसा क्यों हुआ, ये कांग्रेस से ही पूछिए ?

TMC के बागी सांसदों पर बोले संय सिंह

TMC के बागी सांसदों की लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाक़ात पर AAP सांसद संजय सिंह ने कहा कि, "सत्ता में बैठे लोग संस्थाओं और केंद्रीय एजेंसियों का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं…। जो लोग ममता बनर्जी का साथ छोड़ रहे हैं, उन्होंने उन्हीं के नाम और पार्टी के चुनाव चिन्ह पर चुनाव जीता था। अगर वे उनकी विचारधारा का विरोध करते हैं तो उन्हें इस्तीफ़ा दे देना चाहिए था…। क्या आपको उनकी पार्टी की कमियों का एहसास तब हुआ जब वे चुनाव हार गईं?…'