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Indore News : रेलवे यात्रियों को डिजिटल सुविधा देने की दिशा में रेलव अब एक और बड़ा कदम उठाने जा रहा है। जल्द ही यात्रियों को निर्धारित सीमा से अधिक सामान ले जाने के लिए पार्सल या लगेज कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। नई व्यवस्था के तहत टिकट बुकिंग के समय ही अतिरिक्त सामान की जानकारी दर्ज कर ऑनलाइन लगेज बुकिंग की जा सकेगी। यात्रा के दिन स्टेशन पहुंचकर यात्री केवल अपना सामान रेलवे कर्मचारियों को सौंपेंगे, जिसके बाद वही सामान संबंधित ट्रेन से उनके गंतव्य स्टेशन तक पहुंचा दिया जाएगा।
मध्य प्रदेश के अंतर्गत आने वाले रतलाम रेल मंडल के इंदौर रेलवे स्टेशन अधिकारियों के अनुसार, नई सुविधा लागू होने के बाद यात्रियों को अतिरिक्त सामान के लिए अलग से लगेज कार्यालय में जाकर वजन कराने और बुकिंग कराने की जरूरत नहीं रहेगी। इससे समय की बचत तो होगी ही साथ ही स्टेशन पर लगेज काउंटरों पर लगने वाली भीड़ भी कम होगी।
टिकट बुकिंग के दौरान ही यात्रियों को मुफ्त लगेज सीमा, अधिकतम वजन, प्रतिबंधित वस्तुओं की सूची, अतिरिक्त सामान पर लगने वाले शुल्क और नियमों की पूरी जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध कराई जाएगी।
रेलवे ने साफ किया है कि, ये सुविधा फिलहाल सिर्फ कंफर्म आरक्षित टिकट वाले यात्रियों को ही मिल सकेगी। वेटिंग लिस्ट, आरएसी और बिना आरक्षण वाले यात्रियों को इसका लाभ नहीं मिलेगा। यानी सिर्फ वही यात्री ऑनलाइन अतिरिक्त सामान बुक करा सकेंगे, जिनका टिकट कन्फर्म होगा। हालांकि, शुरुआत में सभी यात्रियों को ये सुविधा नहीं मिलेगी। प्रारंभिक चरण में थर्ड एसी, एसी इकोनॉमी और चेयर कार (सीसी) कोच के यात्रियों को इससे बाहर रखा गया है। बाद में व्यवस्था के सफल संचालन के आधार पर अन्य श्रेणियों में भी इसे लागू किया जा सकता है।
अभी तक अतिरिक्त सामान ले जाने वाले यात्रियों को स्टेशन पहुंचकर लगेज कार्यालय में वजन कराने, शुल्क जमा करने और अलग से बुकिंग की पूरी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था। नई व्यवस्था के लागू होने के बाद यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन हो जाएगी।
रेलवे की ओर से की गई ये व्यवस्था कल से लागू होने की संभावना है। वहीं इंदौर मे स्टेशन स्तर पर अधिकारी अभी नई व्यवस्था को लेकर संशय में हैं। उनका कहना है कि, सॉफ्टवेयर में बदलाव की जानकारी तो मिल गई है, लेकिन स्टेशन पर यात्रियों से सामान किस स्थान पर लिया जाएगा, उसकी जांच, सुरक्षित रखरखाव और संबंधित ट्रेन तक पहुंचाने की जिम्मेदारी किस तरह तय होगी, इस संबंध में विस्तृत संचालन प्रक्रिया (एसओपी) अभी तक नहीं मिली है। ऐसे में व्यवस्था लागू होने के बाद शुरुआती दिनों में कुछ व्यावहारिक चुनौतियां सामने आ सकती हैं।
वहीं, रेलवे अधिकारियों का मानना है कि, अगर रेलवे इस नई सुविधा का व्यापक प्रचार - प्रसार करने के साथ स्पष्ट संचालन व्यवस्था भी तय कर दे तो यात्रियों को इसका सबसे अधिक लाभ मिलेगा।
Updated on:
30 Jul 2026 01:29 pm
Published on:
30 Jul 2026 01:25 pm
