
Central India Biggest IT And Startup Hub (इंदौर बना सेंट्रल इंडिया का सबसे बड़ा आइटी और स्टार्टअप किंग Photo Source- Patrika)
Indore News :मध्य प्रदेश के आर्थिक शहर इंदौर ने जिस तरह आइटी हब और औद्योगिक क्रांति और स्टार्टअप के मार्ग पर सफर किया है, वो मिसाल देने लायक है। टियर-2 शहरों के लिए इंदौर आज एक रोल मॉडल बन चुका है। इंदौर अब सराफा के स्वाद तक सीमित नहीं है। ये शहर अब टैलेंट भी प्रोड्यूस कर रहा है। ये शहर अब 'डॉलर और डॉटकॉम' की भाषा भी तेजी से समझ और बोल रहा है।
रियल एस्टेट और बिजनेस के लिहाज से इंदौर में निवेश करने का ये बिल्कुल सही समय है, क्योंकि इंदौर अब सेंट्रल इंडिया का सबसे बड़ा आइटी और स्टार्टअप हब बन चुका है। इंदौर ने अपनी नीतियों, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और बेहतरीन टैलेंट के दम पर टियर-2 शहरों में तकनीकी क्रांति का नेतृत्व किया है। इंदौर का अगला सबसे बड़ा बूम आइटी और स्टार्टअप सेक्टर में ही आ रहा है। क्योंकि आने वाले समय में फ्लैटेड इंडस्ट्री कै्पस, सुपर कॉरिडोर पर बड़ा आइटी पार्क, स्टार्टअप पार्क, कन्वेंशन सेंटर और स्पोर्ट्स पार्क आदि बनेंगे, जिसको लेकर प्लानिंग बनाने के साथ काम शुरू हो गया है। इसका सीधा असर इंदौर के रियल एस्टेट मार्केट पर भी दिख रहा है। सुपर कॉरिडोर, बायपास और खंडवा रोड के आसपास जमीनों और कमर्शियल स्पेस के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं।
हैदराबाद, पुणे और बेंगलूरु के बाद आइटी कंपनियों की पहली पसंद इंदौर बनता जा रहा है। टीसीएस और इंफोसिस के बाद अब कॉग्निजेंट, आइबीएम, एलटीआइ माइंडट्री एवं इंपेटस जैसी कई बड़ी कंपनियों ने इंदौर में अपने पैर बहुत मजबूती से जमा लिए हैं तो कई क्पनियां आना चाहती है। ये बेंगलूरु, मुंबई के मुकाबले कम खर्च और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण इंदौर में अपने ग्लोबल सेंटर्स खोल रही हैं। वित्तीय वर्ष 2024-25 में इंदौर का आईटी और सॉफ्टवेयर निर्यात 4,038 करोड़ रुपए के पार पहुंच चुका है।
खंडवा रोड पर लगभग 550 करोड़ रुपए की लागत से 21 मंजिला सेंट्रल इंडिया का सबसे ऊंचा आइटी पार्क बनकर तैयार हो रहा है, जो दिसंबर 2026 तक पूरी तरह चालू हो जाएगा। अकेले इस पार्क से 10,000 से अधिक रोजगार पैदा होंगे। सुपर कॉरिडोर पर बनने वाले स्टार्टअप-कम-आइटी पार्क से भी हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा। टीसीएस, इ्फोसिस, इंपेटस और यश टेक्नोलॉजीज जैसी बड़ी कंपनियों में करियर के विकल्प दे रही है।
देश की ख्यात कंपनी इ्फोसिस ने सुपर कॉरिडोर स्थित अपने कैंपस की 40 एकड़ जमीन सरेंडर कर दी थी जिस पर मध्य प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स डेव्हलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एमपीएसईडीसी) विभाग अब आइटी पार्क बनाएगा। जिम्मेदारी इंदौर विकास प्राधिकरण को दी गई है। ह्रश्वलान बनाया जा रहा है। सैकड़ों आइटी कंपनियों को नया वर्क ह्रश्वलेस मिलेंगा। सड़क, बिजली, पानी सहित तमाम सुविधाएं रहेंगी। प्राधिकरण अब कंसल्टेंट कंपनी नियुक्त करने जा रहा है जो ह्रश्वलान व प्रस्तावित खर्च का आंकलन बनाकर देगा। 40 एकड़ जमीन पर बिल्डिंग बनाने के बजाए एमपीएसईडीसी सुपर कॉरिडोर पर ह्रश्वलॉट के रूप में क्षेत्र विकसित करना चाहता है ताकि क्पनी अपने हिसाब से बिल्डिंग का निर्माण कर सके।
शहर के परदेशीपुरा में 42 करोड़ की लागत से इलेक्ट्रॉनिक कॉ्पलेक्स में 9 मंजिला आइटी पार्क-4 की बिल्डिंग बनकर तैयार हो गई है। बिल्डिंग के मूल्य का अनुमोदन एमपीआइडीसी से हो चुका है अब बुकिंग की जाएगी, जिसकी तैयारी भी शुरू हो गई है। निवेशकों को भवन के बारे में जानकारी देने व साइट विजिट के लिए कैंप लगाया जाएगा। पार्क में लगभग 1500 नई रोजगार इकाई तैयार होगी, जिससे युवाओं को रोजगार मिलेगा। नमकीन क्लस्टर भी बनाया जा रहा है।
Published on:
14 Jun 2026 01:35 pm
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