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दतिया उपचुनाव में कौन जीतेगा? इंदौर सट्टा बाजार ने कर दी बड़ी भविष्यवाणी

Datia By-Election : जेन-जी आंदोलन के बाद पहले चुनाव पर सबकी नजर। एक तरफा नहीं आएंगे दतिया उपचुनाव के परिणाम, बहुत कम वोटों से हार-जीत का आंकलन होना संभव।
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Datia By-Election

Datia By-Election (इंदौर सट्टा बाजार की बड़ी भविष्यवाणी Photo Source- Patrika)

Indore Satta Bazar : मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा के उपचुनाव की मतगणना सोमवार 3 अगस्त को की जाएगी। हालांकि, इसे लेकर पहले से ही इंदौर का सट्टा बाजार भी आबाद हो गया है। सटोरिए कांग्रेस को हरा रहे हैं, लेकिन उनका मानना है कि, भाजपा की भी जीत एकतरफा नहीं होगी। इधर, उपचुनाव के परिणाम पर मध्य प्रदेश ही नहीं पूरे देश की नजरें टिकी हैं, क्योंकि जेन-जी आंदोलन के बाद ये पहला चुनाव है।

राजनीतिक पंडित ये आकलन लगाने में जुटे हैं कि, आंदोलन से कितना फर्क पड़ा है। चुनाव में अपनी सीट के आंकलन के लिए इंदौर का सट्टा बाजार हमेशा से देश-दुनिया में चर्चित रहा है। कई लोग तो उसे एग्जिट पोल से भी ज्यादा भरोसेमंद मानते हैं। ये बाजार एक बार फिर खुल गया जिसमें दतिया में हुए उप-चुनाव के परिणाम पर हार जीत का दांव लगाया जा रहा है। बाजार के हिसाब से चुनाव कश्मकश भरा रहा है, लेकिन आखिरी में भाजपा सीट जीत जाएगी। इसके चलते भाजपा की जीत का भाव 75 पैसे हैं। सटोरिए पर पैसा खा रहे हैं तो 85 पैसे लगा रहे हैं। इधर, कांग्रेस का भाव 125 रुपए है। सट्टा बाजार की भाषा में जिसकी जितनी कीमत कम होगी उसके जीतने की संभावना उतनी अधिक होगी।

जेन-जी प्रोटेस्ट के बाद पहला चुनाव

नीट परीक्षा का पेपर लीक होने के बाद काकरोच जनता पार्टी के बैनर तले जेन जी ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़ा आंदोलन किया जिसका असर देशभर में देखने को मिला। पहली बार मोदी सरकार झुकी और मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हुआ। इसी दौर में दतिया सहित तीन विधानसभाओं में उपचुनाव हुए। अब सबका ध्यान परिणाम पर है। भाजपा के खिलाफ जनादेश आता है तो जेन-जी के आंदोलन को ऊंचाई मिल जाएगी। अब सभी की निगाहें 3 अगस्त पर हैं।

नहीं मानी टीम नरोत्तम

दतिया चुनाव में भाजपा ने प्रयोग करते हुए अपने खाटी नेता व पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा का टिकट काट कर संगठन मंत्री रहे आशुतोष तिवारी को चुनाव लड़ाया। टिकट घोषणा के बाद संगठन में इस्तीफे के दौर शुरू हो गए। बाद में मिश्रा को मनाया गया, लेकिन उनके समर्थकों में आखिरी तक नाराजगी रही। यही वजह है कि सट्टा बाजार उपचुनाव होने के बावजूद एकतरफा जीत नहीं बता रहा है।

नोट: खबर का महज सूचना देना मात्र है। ये शहर में लोगों के बीच चल रहा आंकलन दर्शाता है। इसका कतई उद्देश्य सट्टा या किसी आपराधित कार्य का प्रमोशन करना नहीं है। ऐसे में पत्रिका सट्टे को अपराधिक मानते हुए नाम मात्र भी इसका समर्थन नहीं करता।