
New land acquisition policy Indore Pithampur Economic Corridor Compensation क्या इन किसानों को भी मिलेगी सौगात?
Indore-Pithampur Economic Corridor: ग्रामीण क्षेत्र की जमीन के अधिग्रहण पर सरकार ने चार गुना मुआवजा देने की घोषणा की है जो एमपीआइडीसी के लिए मुसीबत बन गई है। 3 मई को इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर का भूमि पूजन होना है और इस बीच किसान चार गुना मुआवजा मांग रहे हैं, जबकि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 60 फीसदी विकसित भूखंड देने की घोषणा की थी। ये योजना किसानों के लिए अब तक की सबसे बड़ी हिस्सेदारी वाली थी।
इंदौर एयरपोर्ट के पीछे से पीथमपुर के सेक्टर सेवन के बीच एमपीआइडीसी इकोनॉमिक कॉरिडोर बनाने जा रहा है। 20.25 किमी की लंबी सड़क बनाने के साथ 1331.02 हेक्टेयर जमीन पर विभाग अलग- अलग सेक्टर बनाए जाएंगे। इसके लिए किसानों से जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई चल रही है, जिसमें 27 रजिस्ट्री हो गई हैं तो 373 हेक्टेयर जमीन की सहमति किसानों ने दे दी है। हालांकि 3500 से अधिक किसान व अन्य लोगों की जमीन है, जिन्हें सरकार विकसित भूखंडों का 60 फीसदी हिस्सा देगी। ये भूमि अधिग्रहण पॉलिसी सरकार की सबसे अच्छी थी, क्योंकि आइडीए अब तक 50 फीसदी विकसित भूखंड दे रहा था।
हाल ही में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सड़क, पुल, रेलवे लाइन, नेशनल हाईवे, एक्सप्रेस वे और सिंचाई जैसी परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण को लेकर नई पॉलिसी घोषित कर दी जिसमें किसानों को दो के बजाए चार गुना मुआवजा दिया जाना है। ये सुनते ही इंदौर पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर के किसान भी सक्रिय हो गए है। वे नई भूमि अधिग्रहण पॉलिसी के तहत मुआवजा चाहते हैं, जिसके लिए एमपीआइडीसी के अफसरों को फोन लगाना शुरू कर दिया है, जबकि बड़ी मुश्किल से किसान योजना में जमीन देने के लिए राजी हुए थे।
अब उन्हें समझाना भारी पड़ रहा है। बड़ी संख्या में किसानों ने सरकार की घोषणा के फैसले की खबर अपने सोशल मीडिया अकाउंट के स्टेटस पर लगा ली है, जिससे वे सीधा संदेश भी दे रहे हैं।
टीही, धन्नड़, भैसलाय, सोनवाय, डेहरी, बागोदा, मोकलाय, नरलाय, शिवखेड़ा, सिंदौड़ी, सिंदौड़ा, श्रीराम तलावली, नावदा पंथ, बिसनावदा, रिंजलाय, नैनोद व कोर्डियाबर्डी।
चार गुना मुआवजे की घोषणा के बाद किसान आस लगाकर बैठ गए हैं, लेकिन सरकार का अभी तक कोई सर्कुलर नहीं आया है, जिससे स्थिति स्पष्ट हो सके। माना जा रहा है कि नया भूमि अधिग्रहण प्रस्ताव ग्रामीण क्षेत्र के लिए है, जबकि इंदौर पीथमपुर इकॉनॉमिक कॉरिडोर में आने वाले गांव इंदौर और पीथमपुर औद्योगिक मास्टर प्लान का हिस्सा है। इस पर ये योजना लागू होने की संभावना नहीं के बराबर है।
नई भूमि अधिग्रहण पॉलिसी(New land acquisition policy) से इकोनॉमिक कॉरिडोर की जमीन ली जाती है तो एमपीआइडीसी के लिए प्रोजेक्ट बड़े घाटे का सौदा हो जाएगा। इंदौर शहर से लगे हुए गांवों की वजह से यहां की सरकारी गाइड लाइन काफी अधिक है। उसका चार गुना दिया जाता है तो बाजार मूल्य से भी कहीं अधिक मुआवजा हो जाएगा। ऐसी स्थिति में कॉरिडोर महंगा साबित होगा।
कॉरिडोर(Indore Pithampur Economic Corridor) में एक सेक्टर एक लैंड यूज रहेगा। एयरपोर्ट के पीछे से पीथमपुर तक 75 मीटर चौड़ी सड़क बनेगी जो इंदौर अहमदाबाद नेशनल हाइवे व एबी रोड को जोडऩे का काम करेंगी। कॉरिडोर के दोनों तरफ 300- 300 मीटर जमीन ली जा रही है। इसमें फिनटेक सिटी, दलाल स्ट्रीट, आइटी हब के साथ व्यावसायिक व औद्योगिक ह्रश्वलॉट होंगे तो बड़ा एरिया रेसीडेंशियल ह्रश्वलॉट का भी रहेगा जिसमें 20 मंजिल तक हाइराइज रहेगी।
Published on:
25 Apr 2026 02:56 pm
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