
Government Lawyers प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source- freepik)
MP News: जिला कोर्ट में जल्द ही सरकारी वकीलों को नियुक्तियां होने वाली है। प्रदेश भाजपा संगठन ने 38 पदों के लिए नए सिरे से स्थानीय संगठन से सूची मांगे हैं। उसके साथ में शर्त भी रखी है कि मौजूदा कोई भी सरकारी वकील का नाम नहीं दिया जाए। सूची को आठ दिन में देने के निर्देश दिए गए हैं ताकि समय पर घोषणा हो सके। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपनी सरकार के सभी राजनीतिक पदों पर नियुक्तियां करने जा रहे हैं, जिसका सिलसिला शुरू हो गया।
इसी क्रम में इंदौर जिला एवं सत्र न्यायालय में जिला लोक अभियोजक (जीपी) और अतिरिक्त जिला लोक अभियोजक (एजीपी) के 38 पदों की भी घोषणा होना है। हालांकि ये नियुक्ति तो दो साल पहले ही हो जाना चाहिए थे, लेकिन पुरानी टीम ही काम कर रही है। इसको लेकर 27 जुलाई 2025 और 13 जनवरी 2026 को सूची भेजी गई थी, लेकिन पिछले दिनों जिला कोर्ट की तरफ से गई सूची से वह मेल नहीं खा रही थी।
कोर्ट ने 38 पदों के लिए चार गुना नामों की सूची भेजी थी। इधर, भाजपा की सूची में कई ऐसे भी नाम शामिल थे जो कि पात्र नहीं थे। गेंद जब प्रदेश संगठन के पाले में आई तो उन्होंने तुरंत इंदौर संगठन को निर्देश दिए कि वे नए सिरे से 25 नामों की सूची बनाकर आठ दिन में भेजें। चौंकाने वाली बात ये भी है कि उसमें मौजूदा और पुराने वकीलों के नाम नहीं होना चाहिए। इसका अर्थ साफ है कि पार्टी नए कार्यकर्ताओं को मौका देना चाहती है।
नगर भाजपा ने विधायकों से नाम लेकर प्रदेश संगठन को भेज दिए थे। बताते हैं कि विधायकों ने अपनी पसंद के नाम सामने रख दिए जिसमें ये नहीं देखा कि कौन संगठन का काम करता है या नहीं करता है और योग्य भी है या नहीं ? सूची की जानकारी सामने आने के बाद मंडल अध्यक्षों ने प्रदेश संगठन से भी शिकायत की जिसके बाद जिला कोर्ट के नामों से जब सूची मेल नहीं खाई तो बवाल हो गया जिसके बाद संगठन ने नाम बुलाने का फैसला किया। मजेदार बात ये है कि एक सूची राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने भी भेजी थी।
वर्तमान में जीपी के पद पर अभिजीत सिंह राठौर काबिज है तो उमेश यादव, लीलाधर पाटीदार, दिनेश खंडेलवाल, संजय शर्मा, अजय मिमरोट, चंद्रशेखर चौधरी, रीना चौधरी, संजय शुक्ला, श्याम दांगी, जयंत दुबे व विशाल श्रीवास्तव सहित अन्य एजीपी हैं। गौरतलब है कि संघ चाहता है कि राठौर फिर से जीपी बनाए जाए। इसके लिए संघ के एक नेता लगातार लाबिंग भी कर रहे हैं।
गौरतलब है कि कुछ समय पहले तक इंदौर जिला कोर्ट में सरकारी वकीलों के 22 ही पद थे, लेकिन सरकार ने संख्या बढ़ाकर 38 कर दी है। इसका सीधा फायदा कार्यकर्ताओं को होगा जो संगठन के लिए वर्षों से काम कर रहे हैं। पार्टी भी अधिक लोगों को उपकृत कर पाएगी।
Published on:
24 Apr 2026 04:46 pm
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