
indore kidnapping case children rescued in 7 hours
MP News: मध्यप्रदेश के इंदौर के तिरुपति गार्डन से अगवा दोनों बच्चों को पुलिस ने सात घंटे में ही सुरक्षित बरामद कर लिया। गुरुवार देर रात करीब दो बजे पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए उनके चंगुल से दोनों बच्चों को छुड़ाया और परिजनों को सौंप दिया। आरोपियों में शामिल एक युवती 9 साल के नैतिक और 11 साल के सम्राट के तिरुपति गार्डन से बिल्ली दिखाने के बहाने अपने साथ ले गई थी और फिर आरोपियों ने उनके परिजनों को फोन कर 15 लाख रुपये की फिरौती की मांग की थी। बच्चों को अपने साथ ले जाती युवती सीसीटीवी कैमरों में भी नजर आई थी।
बच्चों की किडनैपिंग की घटना को पुलिस ने गंभीरता से लिया और तुरंत बच्चों की तलाश में टीमें शहर में सक्रिय की गईं। करीब सात घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस आरोपियों तक पहुंच गई और रात करीब दो बजे आरोपियों के चंगुल से बच्चों को छुड़ा लिया गया। इस सनसनीखेज केस में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें एक बहन भाई और एक पति-पत्नी शामिल हैं।
पुलिस जांच में सामने आया कि सभी आरोपी लग्जरी लाइफ स्टाइल के आदी थे और शेयर ट्रेडिंग में रुपए गंवाने के बाद में कर्ज में डूब गए थे जिसके चलते उन्होंने अपहरण जैसी साजिश रच डाली। पकड़े गए आरोपियों के नाम विनीत, राधिका, ललित और उसकी पत्नी तनीषा हैं। पकड़े गए आरोपियों में विनीत शेयर ट्रेडिंग का काम करता था, जबकि ललित पहले ड्राइवर रह चुका है। आरोपी राधिका टेलीकॉलर के रूप में फ्लिपकार्ट से जुड़े कॉल सेंटर में काम करती थी।
आरोपी पिछले एक हफ्ते से बच्चों से दोस्ती कर रहे थे। उन्होंने दोनों बच्चों नैतिक और सम्राट को खासतौर पर टारगेट किया क्योंकि दोनों को जानवरों में दिलचस्पी थी। घटना वाले दिन राधिका बच्चों को जानवर दिखाने के बहाने ले गई। रास्ते में उन्हें पानी और चिप्स दिलाए। उसका भाई विनीत बगीचे में बैठकर निगरानी करता रहा। उसने ही फिरौती के लिए फोन किया और पुलिस की मूवमेंट पर नजर रखता रहा।
रास्ते में बातचीत के दौरान राधिका को अंदाजा हुआ कि बच्चे किसी अमीर परिवार से नहीं हैं। इसके बावजूद आरोपियों ने 15 लाख रुपए की मांग रखी। बताया जा रहा है कि करीब 14 लाख रुपए की व्यवस्था भी परिवार ने कर ली थी, लेकिन इससे पहले कि सौदा पूरा होता, पुलिस ने आरोपियों को दबोच लिया।
पकड़े जाने से बचने के लिए आरोपियों ने भागने की कोशिश की, लेकिन अफरा-तफरी में गिरकर घायल हो गए। फिलहाल उनका इलाज चल रहा है और पुलिस पूछताछ जारी है, एक आरोपी के शेयर ट्रेडिंग से जुड़े होने की जानकारी भी सामने आई है।
जिस फ्लैट में बच्चों को रखा गया था, वह ऐसी जगह थी जहां से सड़क पर नजर रखी जा सकती थी। आरोपी खिड़की से लगातार पुलिस और लोगों की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे। जैसे ही उन्हें शक हुआ कि पुलिस पहुंच चुकी है, उन्होंने लाइट बंद कर भागने की कोशिश की, लेकिन टीम ने पीछा कर सभी को पकड़ लिया।
Published on:
24 Apr 2026 04:50 pm
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