
New Education Policy प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source - Patrika)
MP News: मध्यप्रदेश की उच्च शिक्षा में वर्षों बाद पहली बार बड़ा बदलाव आने जा रहा है। न्यू एजुकेशन पॉलिसी के अंतर्गत अब विद्यार्थी स्कूल में कोई भी विषय पढ़कर आए, कॉलेज में कोई भी विषय ले सकता है। यहां तक कि आर्ट्स से 12वीं पास करने वाला कॉमर्स या साइंस और कॉमर्स वाला साइंस विषय भी पढ़ सकेगा। इसके लिए उसे बस एक वॉक इन इंटरव्यू से एलिजिबिलिटी सर्टिफिकेट प्राप्त करना पड़ेगा।
उच्च शिक्षा विभाग ने सत्र 2026-27 से हायर सेकंडरी के बाद अंडर ग्रेजुएशन कोर्सेस में संकाय बदलकर एडमिशन लेने के लिए नई प्रक्रिया तय कर दी है। एलिजिबिलिटी टेस्ट के लिए जारी अधिसूचना से यह साफ हो गया है कि सबके लिए सब विषय ओपन हो जाएंगे। हालांकि अभी तक उच्च शिक्षा विभाग की एडमिशन मार्ग दर्शिका का इंतजार है लेकिन उससे पहले ही जारी इंटरव्यू प्रक्रिया से बदलाव साफ नजर आ रहा है।
आज तक साइंस यानी बॉयो और मैथमेटिक्स से हायर सेकंडरी करने वाले के पास सबसे ज्यादा ऑप्शन थे। उस विद्यार्थी को साइंस के अतिरिक्त कॉमर्स या आर्ट्स में एडमिशन लेने की छूट थी। हालांकि बॉयो वाला बीएससी मैथ्स और मैथ्स वाला बीएससी बॉयो नहीं कर पाता था। अब वह सबके लिए पात्र होगा। उधर कॉमर्स वाले को साइंस लेने की छूट नहीं थी। वह कॉमर्स या आर्ट्स विषय में ही एडमिशन ले पाता था। अब वह साइंस में भी एडमिशन ले सकेगा। आर्ट्स वाले विद्यार्थी को सबसे कमजोर माना जाता था। वह आट्र्स के अलावा अन्य विषय में एडमिशन नहीं ले पाता था। अब कॉमर्स या साइंस के ऑप्शन भी उसके पास रहेंगे।
नई नीति से विद्यार्थी के पास भले सारे ऑप्शन रहेंगे, लेकिन सवाल यह है कि आर्ट्स, कॉमर्स से वाला विद्यार्थी बॉयोलॉजी, मैथमेटिक्स, केमिस्ट्री और फिजिक्स जैसे विषय कॉलेज में पढ़ जाएगा ? क्या आर्ट्स या साइंस विद्यार्थी कॉमर्स में अकाउंट्स के विषय पढ़ सकेगा ? डॉ. सौरभ पारीख के मुताबिक केवल एक इंटरव्यू से इसके लिए पात्र मानना गलत है। डॉ. अनस इकबाल के अनुसार इस मामले में कुछ अनिवार्य शर्त लगाना चाहिए। डॉ. राजेन्द्र शर्मा मानते हैं कि इससे भविष्य में बीबीए- बीसीए की तरह रिजल्ट बिगड़ेगा। डॉ. प्रवीण केकरे के मुताबिक 12वीं में ऑप्शनल विषय वालों को ही ऐसी ओपन छूट मिलनी चाहिए।
इससे पहले बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (बीबीए) और बैचलर ऑफ कंम्प्यूटर एप्लीकेशन (बीसीए) में मप्र में कोई भी यानी साइंस, कॉमर्स, आर्ट्स या अन्य संकाय से 12वीं पास विद्यार्थी को एडमिशन की छूट दी गई थी। यह छूट भी इन संकाय में कम एडमिशन के कारण दी थी। पिछले सालों में बीसीए व बीबीए के रिजल्ट में दूसरे संकायों के विद्यार्थी बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पाए और उनका रिजल्ट बिगड़ा है।
Published on:
26 Apr 2026 01:11 pm
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