आरक्षक से मारपीट में महापौर पुत्र को बनाया आरोपित

रणजीत हनुमान मंदिर में पुलिसकर्मी से मारपीट कर वर्दी फाडऩे के मामले में आरक्षक और गवाहों के बयान के आधार पर पुलिस ने महापौर पुत्र एकलव्य गौड़ का नाम आरोपितों में जोड़ा है।

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Apr 29, 2016
mayor son
(पुलिस जवान विवेक, बांए मेयर के बेटे एकलव्य।)

इंदौर।
रणजीत हनुमान मंदिर में पुलिसकर्मी से मारपीट कर वर्दी फाडऩे के मामले में आरक्षक और गवाहों के बयान के आधार पर पुलिस ने महापौर पुत्र एकलव्य गौड़ का नाम आरोपितों में जोड़ा है। पहले अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। हालांकि, गिरफ्तारी पर पुलिस अब भी अनुसंधान जारी होने की बात कह रही है।

मंगलवार देर रात मंदिर में भंडारे के दौरान एकलव्य और उनके समर्थकों ने ड्यूटी कर रहे आरक्षक विवेक पांडे से हाथापाई कर उनकी वर्दी फाड़ दी थी। अन्नपूर्णा पुलिस ने दबाव के चलते आरक्षक की रिपोर्ट पर अज्ञात के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा व मारपीट का मामला दर्ज किया था, जबकि आरक्षक ने मीडिया के सामने एकलव्य व अन्य का नाम लिया था।

शुक्रवार को पुलिस ने पांडे, अन्य पुलिसकर्मियों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर एकलव्य का नाम रिपोर्ट में जोड़ा है। टीआई दिलीप गंगराड़े ने बताया कि गवाहों ने एकलव्य के साथ 3-4 लोगों के नाम बताए हैं। रिपोर्ट में 7-8 लोगों द्वारा मारपीट की बात लिखी गई है। पुलिस अनुसंधान कर सभी की पहचान में जुटी है। गिरफ्तारी के सवाल पर टीआई ने अनुसंधान पूरा होने के बाद कार्रवाई करने की बात कही।


नाबालिग पर दोनों पक्षों का दबाव

जूता चोरी होने पर मंदिर में सेवा दे रहे आदिवासी समाज के 17 वर्षीय सुनील से मारपीट की गई थी। उसके परिवार ने गुरुवार को डीआईजी को आवेदन देकर पुलिसकर्मियों द्वारा बयान देने के लिए दबाव बनाने की शिकायत की है। इधर, एकलव्य व पुलिसकर्मी सुनील को मारपीट से बचाने के दौरान विवाद की बात कह रहे हैं। पुलिस ने सुनील को गवाह नहीं बनाया, जबकि विवाद उसी से मारपीट के बाद शुरू हुआ था।
Published on:
29 Apr 2016 09:29 pm
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