इंदौर

कर्मचारियों की हड़ताल का असर, बगैर सफाई रवाना की तीन ट्रेन

पांच साल के लिए निलंबित भी किए जा सकते हैं सदस्य

less than 1 minute read
Apr 19, 2022
कर्मचारियों की हड़ताल का असर, बगैर सफाई रवाना की तीन ट्रेन

इंदौर। देश के सबसे स्वच्छ शहर से चलने वाली ट्रेनें भी स्वच्छता के साथ चलें इसी को ध्यान में रखकर पश्चिम रेल मंडल ने ट्रेनों की सफाई का ठेका कामथेन कंपनी को दे रखा है, लेकिन कंपनी की लापरवाही और कर्मचारियों के काम बंद किए जाने से कल इंदौर से तीन ट्रेनें बगैर सफाई रवाना हो गईं। एक ट्रेन की सफाई में करीब 6 घंटे का समय लगता है और ट्रेनों के रवाना होने का समय होने से उन्हें भेजना पड़ा। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि कंपनी पर पेनल्टी लगाई जाएगी।

यह स्थिति कंपनी कर्मचारियों की हड़़ताल की वजह से बनी। कर्मचारियों ने कल कंपनी के खिलाफ काम बंद कर दिया था। इसका असर ट्रेनों की सफाई पर पड़ा। रेल अधिकारियों ने कर्मचारियों को जैसे-तैसे मनाकर काम पर लौटाया, लेकिन जब तक कर्मचारी काम पर लौटे, रेल प्रशासन को तीन ट्रेनें जिनमें पटना, पुणे और कोच्चिवेली को सफाई कराए बगैर ही रवाना करना पड़ा।

10-12 कर्मचारी करते साफ
जानकारी के अनुसार ट्रेनों की नियमित सफाई कराने की जिम्मेदारी कंपनी की है, लेकिन कंपनी के खिलाफ कर्मचारी हमेशा आंदोलन करते रहते हैं। एक ट्रेन की पूरी तरह से सफाई में करीब 6 घंटे का समय लगता है और 10 से 12 कर्मचारी जुटते हैं। ट्रेन की सफाई के दौरान सीट से लेकर फ्लोर, छत, शौचालय से लेकर ट्रेन की बाहर से धुलाई तक शामिल है। सफाई के दौरान कर्मचारी केमिकल व मशीनों का भी उपयोग करते हैं। वहीं बाहर से ट्रेन की धुलाई में ट्रीट वाटर का उपयोग किया जाता है। ट्रेन की सफाई के बाद कंपनी को पिट लाइन की साफ सफाई भी करना होती है। यह उसकी जिम्मेदारी है। कई बार कर्मचारी पूरी तरह से सफाई नहीं करते और कोङ्क्षचग डिपो के पास गंदगी नजर आती है।

Published on:
19 Apr 2022 11:04 am
Also Read
View All