-प्रमाण पत्र लो, तीर्थयात्रा पर निकलो, दोनों ही दलों में शुरू हुई तोडफ़ोड़, अध्यक्ष के चुनाव से एक दिन पहले सामने लाएंगे
इंदौर. त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में जनपद सदस्यों को आज प्रमाण पत्रों का वितरण किया जा रहा है। प्रमाण पत्र लेकर कई सदस्य तीर्थ-पर्यटन पर भेजे जा रहे हैं, क्योंकि विरोधी दल की उन पर नजर है। इनको बचाने के लिए दोनों ही दलों ने परिवार के साथ उनको घूमने भेजने की रणनीति बनाई है। जब अध्यक्ष का चुनाव होगा, उसके एक दिन पहले उन्हें सामने लाया जाएगा।
इंदौर जनपद को छोड़कर देपालपुर, सांवेर और महू में भाजपा अपना कब्जा होने का दावा कर रही है। बहुमत के बावजूद भाजपा को डर सता रहा है कि कहीं कांग्रेस उन्हें बरगला न दे तो इंदौर में कांग्रेस ङ्क्षचतित है। इसके लिए इंदौर जनपद में कांग्रेस ने अपनी कमजोर कड़ी को बहुमत की जंजीर से जोड़कर बाहर सुरक्षित कर दिया है। कुछ कार्यकर्ताओं के साथ उन्हें आराम करने के लिए दूसरी जगह भेज दिया। जब चुनाव की घोषणा होगी, तब उन्हें बुलाया जाएगा।
इधर, देपालपुर, महू और सांवेर में भाजपा भी कोई रिस्क लेना नहीं चाहती। पंचायतों में जीतने के बाद कांग्रेस में खासा उत्साह है, जिसके चलते जनपद में तोडफ़ोड़ करने की रणनीति पर काम किया जा रहा है। इसके चलते कुछ नेताओं को साध कर सदस्यों पर डोरे डाले जा रहे हैं। इस बात की भनक लगने के बाद भाजपा नेताओं ने भी रणनीति बनाई कि सभी सदस्यों को कुछ दिन तीर्थ, पर्यटन पर भेज दिया जाए। बकायदा टीम बनाई गई है और जैसे ही आज प्रमाण पत्र मिलेंगे, वैसे ही उन्हें अलग-अलग जत्थों के साथ रवाना कर दिया जाएगा ताकि किसी के हाथ में ना आ सकें।
एक-दूसरे से संपर्क में
जनपद के चुनाव में जब तक अध्यक्ष नहीं बन जाता, तब तक ये नहीं कहा जा सकता कि उस पर भाजपा का कब्जा है या कांग्रेस का। सारे प्रत्याशी निर्दलीय होते हैं, न किसी को पंजा मिलता है न फूल। अध्यक्ष जिस पार्टी का बनता है जनपद पर कब्जा भी उसी का कहलाता है। भले ही सदस्य किसी भी दल के समर्थकों के ज्यादा क्यों न हों। ऐसी स्थिति में दोनों ही दल रिस्क लेने के मूड में नहीं हैं, क्योंकि छोटे से चुनाव में कब किसी बड़े नेता का मूड बदल जाए।
भाजपा खा चुकी चोट
दो दशक पहले इंदौर जिला पंचायत में भाजपा के साथ बड़ी चोट हुई थी। भाजपा के पास एक सीट ज्यादा होकर बहुमत में थी। अध्यक्ष पद अजा महिला वर्ग के लिए आरक्षित होने पर भाजपा ने जगमोहन वर्मा की पत्नी को लड़ाया था, लेकिन कांग्रेस की प्रत्याशी योगिता चौधरी अध्यक्ष का चुनाव जीत गईं थीं। भाजपा के एक सदस्य ने कांग्रेस को वोट दिया था।