stroke symptoms: स्ट्रोक भारत में मौत और लंबे समय तक चलने वाली विकलांगता के प्रमुख कारणों में शामिल है, लेकिन समय पर पहचान और इलाज से कई मरीजों की जान बच सकती है।
stroke symptoms: इंदौर शहर के एमवायएच में स्ट्रोक जैसे गंभीर न्यूरोलॉजिकल रोग के उपचार को लेकर लगातार जागरूकता पर जोर दिया जा रहा है। अस्पताल आने वाले मरीजों को इलाज उपलब्ध कराने के साथ अन्य लोगों को भी लक्षण के बारे में बताया जा रहा है ताकि गंभीर स्थिति में जाने से बचा जा सके। एमवायएच की न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. अर्चना वर्मा ने बताया, स्ट्रोक भारत में मौत और लंबे समय तक चलने वाली विकलांगता के प्रमुख कारणों में शामिल है, लेकिन समय पर पहचान और इलाज से कई मरीजों की जान बच सकती है।
एमवायएच में स्ट्रोक के मरीजों के लिए इमरजेंसी न्यूरोलॉजी सेवाएं विशेषज्ञों की टीम उपलब्ध है। शरीर के एक तरफ अचानक कमजोरी, चेहरे का टेढ़ा होना, बोलने में दिक्कत, धुंधला दिखना या संतुलन बिगडऩे जैसे लक्षण दिखते ही मरीज को तुरंत अस्पताल पहुंचाना चाहिए। हर मिनट की देरी मस्तिष्क को स्थायी नुकसान पहुंचा सकती है।
इंडियन स्ट्रोक एसोसिएशन के अनुसार हर साल भारत में करीब 18 लाख लोग स्ट्रोक का शिकार होते हैं। स्ट्रोक तब होता है जब मस्तिष्क के किसी हिस्से में रक्त प्रवाह अचानक रुक जाता है या कम हो जाता है, जिससे कुछ मिनटों में ब्रेन सेल्स को नुकसान पहुंचने लगता है। इसे 'ब्रेन अटैक' भी कहा जाता है।
हाई ब्लड प्रेशर, डाइबिटीज, धूम्रपान और मोटापा स्ट्रोक के प्रमुख जोखिम कारक हैं। एमवायएच में आने वाले अधिकांश स्ट्रोक मरीजों में हाइपरटेंशन पाया जाता है। नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित आहार और सक्रिय जीवनशैली अपनाकर स्ट्रोक के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।