
Vande Mataram controversy (photo:patrika)
Vande Mataram Controversy: इंदौर नगर निगम के बजट सम्मेलन के दौरान वंदे मातरम् गीत के अपमान को लेकर उपजा विवाद जारी है। सभापति और भाजपा के कई पार्षद विरोध स्वरूप थाने में बयान दर्ज करवा चुके हैं। सोमवार को एमजी रोड पुलिस ने कांग्रेस पार्षद फौजिया अलीम और रुबीना खान के बयान लिए। बयान देने के पहले रुबीना ने यू टर्न लेते हुए पत्र लिखने की बात पर मीडिया से कहा कि सभी पार्षद मेरे भाई हैं। मुझे उस दौरान दो लफ्ज नहीं बोलने थे, इसके लिए खेद प्रकट करती हूं। मैं वंदे मातरम् का सम्मान करती हूं, अब कान पकड़ लिए, ऐसा नहीं होगा।
थाने में करीब साढ़े चार घंटे बयान चले। हालांकि पुलिस किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाई है। पुलिस अधिकारी का कहना है कि कथन, वीडियो फुटेज की जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई होगी। बयान दर्ज कराने से पहले रुबीना से मीडिया ने उन दो लफ्जों के बारे में पूछा तो कहा कि वे लोग मुझे उकसा रहे थे। उस समय मैंने कहा था कि आपके बाप में दम हो और दूसरा शब्द था-कांग्रेस पार्टी भाड़ में जाए। ये दोनों लफ्ज आपत्तिजनक थे। जब मेरा गुस्सा ठंडा हुआ तो समझ आया कि मैंने गुस्से में गलत बोल दिया। मैंने पत्र में ऐसा कुछ नहीं लिखा।
उधर रुबीना खान ने कहा कि मैं 15 साल से पार्षद हूं। 70 से 80 बार मालिनी गौड़, कृष्णमुरारी मोघे के साथ मीटिंग अटैंड की है। यदि मैं उस समय राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान, राष्ट्रध्वज के लिए कुछ कहती तो ये मेरे खिलाफ कब का एक्शन ले लेते। जब मैंने राष्ट्रगीत का अनादर नहीं किया तो, मैं माफी क्यों मांगू। मैं तो दोनों दिन वंदे मातरम् के लिए खड़ी थी। देर से तो वे (संकेत पार्षद फौजिया अलीम की तरफ था) आई थीं। मेरा कोई मुद्दा नहीं है। मैं थाने में बयान देने आई हूं। आखिरी बार फिर बोलीं कि मैं जिंदगीभर वंदे मातरम् के समय सावधान की मुद्दा में रहूंगी।
कांग्रेस नेता भी एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने कांग्रेस के कार्यक्रमों में वंदे मातरम् को अनिवार्य किया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केके मिश्रा ने कहा कि जो वंदे मातरम् नहीं गा सकता, वह पाकिस्तान चला जाए। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी भी खुद इन नेताओं के बयान को गलत बता चुके हैं।
उधर, 3 दिन पहले दिल्ली में कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी और जीतू पटवारी से सवाल किए थे। बड़े नेताओं का कहना है कि उन नेताओं पर कार्रवाई की जाए जो कांग्रेस और वंदे मातरम् का अपमान कर रहे हैं। मंगलवार को जांच बैठा दी गई है। अनुशासन समिति और कुछ वरिष्ठ नेता मामले की जांच करेंगे। रुबीना, फौजिया, चिंटू, केके और राजू से जवाब तलब किया जाएगा। बड़े नेता कार्रवाई करने के मोड पर आ चुके हैं।
पार्षद रुबीना खान के करीब साढ़े चार घंटे बयान लिए। बयान और बजट सम्मेलन के वीडियो फुटेज का परीक्षण करेंगे। परीक्षण के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।
-विनोद दीक्षित, एसीपी, सेंट्रल कोतवाली।
Published on:
15 Apr 2026 10:44 am
