
Electricity rates (Photo Source - Patrika)
Electricity rates: बिजली उपभोक्ताओं के आने वाले समय में बड़ा झटका लग सकता है। बिजली कंपनियों के प्रस्तावित 10.19 प्रतिशत टैरिफ वृद्धि को यदि विद्युत नियामक आयोग मंजूरी देता है तो इसका असर सीधे हर महीने आने वाले बिजली बिल पर दिखाई देगा। अभी प्रदेश में सामान्य घरेलू उपभोक्ता 150 से 300 यूनिट मासिक खपत पर औसतन 1400 से 2800 रुपए तक बिल चुका रहा है। प्रस्तावित बढ़ोतरी लागू होने पर इसी खपत वर्ग के उपभोक्ताओं के बिल में करीब 150 से 300 रुपए प्रतिमाह अतिरिक्त जुड़ सकते हैं।
400 यूनिट या उससे अधिक बिजली खर्च करने वाले परिवारों का बिल 400 से 600 रुपए तक बढऩे की संभावना है। हाईटेंशन लाइन वाले व्यवसायिक उपभोक्ताओं से भी लाइन लॉस रिकवरी के नाम पर प्रति यूनिट बिजली महंगी करने का प्रस्ताव है। यदि मंजूरी मिली तो एचटी कनेक्शन पर भी बिलिंग 16 प्रतिशत तक महंगी हो जाएगी। एचटी कनेक्शन के मामलों में बिजली का बिल किलोवॉट की बजाय किलो वोल्ट एंपीयर के आधार पर बनाना तय किया जा रहा है।
किलोवॉट बिजली की वास्तविक खपत को बताता है, जबकि किलो-वोल्ट- एंपीयर लॉस वाली बिजली का भी आकलन करता है। यदि पुराने उपकरण, वायरिंग से परिसर में बिजली का तकनीकी हानि होती है तो वह भी उपभोक्ताओं के बिल में जुड़ जाएगी। अभी एचटी उपभोक्ताओं के बिल इससे बनेंगे, धीरे-धीरे अन्य उपभोक्ताओं तक भी इसे बढ़ाएंगे।
बीते दिनों अतिरिक्त विद्युत लोड के आरोप से जुड़े 20 वर्ष पुराने मामले में हाईकोर्ट की एकल पीठ ने 52 हजार 592 रुपए का अतिरिक्त बिल निरस्त कर दिया। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि केवल लोड अधिक होने का आरोप लगा देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे रेकॉर्ड और दस्तावेजों के आधार पर सिद्ध करना बिजली कंपनी की जिम्मेदारी है। साक्ष्य के अभाव में 12 अप्रेल 2005 को जारी मांग आदेश को न्यायालय ने खारिज कर दिया।
Updated on:
01 Mar 2026 10:43 am
Published on:
01 Mar 2026 10:43 am
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