टाइप-1 मधुमेह में शरीर में इंसुलिन नहीं बनता, जिससे आजीवन उपचार की आवश्यकता होती है। मिशन के अंतर्गत प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों में साप्ताहिक विशेष टाइप-1 डायबिटीज क्लीनिक प्रारंभ किए जा रहे हैं, जहां इंसुलिन की उपलब्धता, ब्लड ग्लूकोज जांच, विशेषज्ञ परामर्श एवं नियमित फालोअप की सुविधा एक ही स्थान पर मिलेगी।