बॉम्बे हॉस्पिटल चौराहे के पास बुधवार रात दिल दहला देने वाली घटना हुई। एक युवक तेज रफ्तार ट्रक के सामने कूद गया। गंभीर घायल युवक को लोगों ने बॉम्बे हॉस्पिटल में भर्ती कराया, जहां देर रात उसने दम तोड़ दिया। युवक के पास चार पेज का सुसाइड नोट मिला है, जिसमें ससुराल वालों से प्रताडि़त होने की बात लिखी है। सुसाइड नोट को युवक ने आत्महत्या से पहले वाट्सएप गु्रप पर भी पोस्ट किया।
का नाम प्रकाश (30) पिता छगनलाल जांगिड़ निवासी महालक्ष्मी नगर है। परिवार में माता-पिता, दो भाई, पत्नी अंजू व बेटा हिमांशु है। पिता छगनलाल भमोरी में बस की बॉडी बनाने का कारखाना चलाते हैं। वाट्सएप पर मारवाड़ी ग्रुप पर सुसाइड नोट देखकर रिश्तेदार भी उससे संपर्क की कोशिश में थे। एसआई विजय बहादुर मिश्रा ने बताया, सुसाइड नोट जब्त कर जांच की जा रही है।
प्रकाश ने लिखा है, उसकी व छोटे भाई कैलाश की शादी 29 अक्टूबर 2009 को सीकर (राजस्थान) के सरकारी शिक्षक बंशीधर जांगिड़ की बेटी अंजू और पिंकी से हुई। कुछ दिन बाद वे मायके लौट गईं। ससुराल वाले कहते थे, परिवार से अलग रहो या जयपुर आ जाओ। कैलाश नहीं गया, लेकिन मैं जयपुर चला गया। वहां भी प्रताडि़त किया गया। अंजू को डिलिवरी के बाद इंदौर लाया, लेकिन 29 नवंबर 2015 को ससुराल वाले गुंडे लेकर आए और दोनों बहनों को ले गए। ससुराल वालों ने राजस्थान में परिवार के खिलाफ झूठा केस दर्ज करवा दिया। मेरी सास और ससुराल वालों ने जिंदगी बर्बाद कर दी।Ó
छोटे बेटे की शादी रुकवाने का किया था प्रयास
पिता छगनलाल के मुताबिक दोनों बेटों को ससुराल वाले परेशान करते थे। प्रकाश घर से अलग रहने लगा। कैलाश की एमबीए की पढ़ाई छूट गई। सबसे छोटे बेटे की शादी तुड़वाने के भी प्रयास किए गए। धमकियों के बाद थाने से पुलिस सुरक्षा की मांग की थी। आत्महत्या के लिए उसके ससुराल वाले जिम्मेदार हैं।