पीथमपुर में नेट्रिप के पास ११८० एकड़ पर किया विकसित, बड़े, मध्यम व लघु उद्योगों को मिलेगी
इंदौर.
इंदौर. स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क पीथमपुर में जमीन की दरों को लेकर सरकार ने बड़े व मध्यम उद्योगों के लिए निर्देश जारी किए हैं। एकेवीएन २ जुलाई से पार्क के प्लॉट बेचना शुरू करेगा। सरकार द्वारा जारी फॉर्मूले के अनुसार एकेवीएन योजना में शामिल गांवों की अलग-अलग गाइडलाइन नहीं लेकर औसत गाइडलाइन लेकर एक दर तय करेगा, जिससे दरों में ४० प्रतिशत तक कमी आएगी। बता दें, लघु व सूक्ष्म उद्योगों के लिए तो उद्योगनीति में ९० फीसदी तक रियायत के प्रावधान हैं। बड़े व मध्यम उद्योगों के लिए एकेवीएन ने रियायत देने के लिए लिखा था।
पीथमपुर में नेट्रिप के पास बनाए गए स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क की बिक्री बड़े उद्योगों के लिए दरें व गाइडलाइन को लेकर उलझ गई थी। वर्तमान में यहां जमीन काफी महंगी व अलग-अलग पडऩे से निवेशक रुचि तो ले रहे थे, पर दरों में रियायत की मांग होती थी।
एकेवीएन एमडी कुमार पुरुषोत्तम के अनुसार सरकार को पत्र लिखकर समस्या बताई गई थी, जिस पर सरकार ने दरें तय करने का फॉर्मूला बताया है। अभी तक अलग-अलग गांव की गाइडलाइन को आधार बना यहां की कीमत तय की गई, जिससे करीब ८० से १२५ रु. प्रति वर्गफीट विकसित प्लॉट मिल रहे थे। सरकार ने सभी गांवों का औसत लेकर एक कीमत बनाने को कहा है, जिससे काफी फायदा होगा, जमीन की दरें ४० फीसदी तक घटेंगी। पहले औद्योगिक प्लॉट बेचे जाएंगे, फिर आवासीय व अन्य प्लॉट के टेंडर निकाले जाएंगे।
१० हजार से ५० एकड़ तक के प्लॉट
पीथमपुर में ऑटोमोबाइल टेस्टिंग ट्रैक के लिए करीब ४२०० एकड़ जमीन अधिगृहीत कर केंद्र सरकार को दी गई थी। इसके निर्माण के बाद बची ११८० एकड़ अनुपयोगी जमीन राज्य सरकार ने वापस ले ली। एकेवीएन ने वापस मिली जमीन पर नए इंडस्ट्रियल पार्क की योजना तैयार कर काम शुरू किया। करीब ३०० करोड़ रुपए खर्च कर पार्क विकसित किया। यहां १० हजार वर्गफीट से ५० एकड़ तक के बड़े प्लॉट बनाए हैं। यहां औद्योगिक के साथ कुछ जमीन आवासीय और अन्य सुविधाओं के लिए भी रखी है। बारिश के मौसम में यहां १.५ लाख पेड़ लगाने की भी तैयारी है।