- भाजपा की मुख्यधारा में आए डॉ. निशांत खरे, संघ से मुक्त होने के बाद भाजपा ने दिया पद
इंदौर. कोरोना काल में सरकार की तरफ से समन्वयक की भूमिका निभाकर अच्छा काम करने के दौरान डॉ. निशांत खरे का नाम खासा चर्चा में आया था। इसके चलते उन्हें महापौर पद का प्रबल दावेदार भी माना गया, लेकिन भाजपाइयों को उनका नाम नहीं पचा। अब पार्टी ने उन्हें मुख्यधारा में शामिल कर एक महत्वपूर्ण विभाग का प्रदेश सहसंयोजक बनाया है।
कोरोना को लेकर मध्यप्रदेश सरकार ने एक कमेटी बनाई थी, जिसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े डॉ. खरे को महत्वपूर्ण भूमिका सौंपी गई। उन्होंने उस दायित्व का अच्छे से निर्वहन भी किया। राधा स्वामी कोविड केयर सेंटर से लेकर अस्पतालों में मरीजों के भर्ती होने व ऑक्सीजन की उपलब्धता को लेकर भी उनकी रणनीति अहम रही। मुख्यमंत्री शिवराज चौहान ने भी भी इंदौर के एक कार्यक्रम में डॉ. खरे की जमकर तारीफ की थी। उसके बाद स्टार्टअप को लेकर हुए आयोजन में भी समन्वयक की भूमिका को देखते हुए मुख्यमंत्री उनके प्रशंसक हो गए थे। इसका असर नगर निगम चुनाव पर भी देखने को मिला।
नाम उजागर हुआ, मच गया जमकर बवाल
मुख्यमंत्री चाहते थे कि डॉ. खरे को प्रत्याशी बनाया जाए। जैसे ही नाम उजागर हुआ, जमकर बवाल मच गया। भाजपा नेता व कार्यकर्ता उन्हें हजम नहीं कर पाए। कुछ नेताओं ने खुलकर विरोध में मैदान संभाल लिया। बवाल होने पर डॉ. खरे टिकट की दौड़ से बाहर हो गए। अब डॉ. खरे को भाजपा की मुख्यधारा में शामिल कर लिया गया। कल प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कई विभागों के संयोजक व सह संयोजकों की घोषणा की, उसमें डॉ. खरे को राजनीतिक प्रतिपुष्टि (फीडबैक) विभाग का सह संयोजक बनाया गया तो संयोजक मनोरंजन मिश्रा होंगे। ये विभाग पार्टी के महत्वपूर्ण विभाग हैं। सरकार की योजना से लेकर संगठन की गतिविधियों का पार्टी आम जनता से फीडबैक भी लेती है, जिसके चलते इस विभाग को गंभीरता से लेती है। उसकी रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की रणनीति तय की जाती है। ऐसे में डॉ. खरे को लेना खासी चर्चा का विषय है।
नमामि गंगे विभाग संभालेंगे पटेल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रुचि का भाजपा में एक विभाग है, जिसे नमाामि गंगे नाम दिया गया है। इसमें इंदौर के राजू पटेल को सह संयोजक बनाया गया है जिसमें संयोजक कमल राजपाल रहेंगे। पटेल पिछले एक दशक से नर्मदा शुद्धिकरण को लेकर काम कर रहे हैं। पिछले कुछ समय से तो उन्होंने इंदौर छोड़कर कसरावद में डेरा जमा रखा है। इसी प्रकार विदेश संपर्क विभाग में इंदौर के रोहित गंगवाल को सहसंयोजक बनाया गया।