इंदौर। शहर के कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय (चिड़ियाघर) में फिर खुशियां छा गईं हैं। बाघिन जमुना ने रविवार को 3 शावकों को जन्म दिया, तीनों शावक पीले ही हैं। नन्हें मेहमानों के आने से चिड़ियाघर प्रबंधन खुश है तो इंदौरवासी भी उत्साहित नजर आ रहे हैं। तीनों ही शावक स्वस्थ्य है और चिड़ियाघर प्रबंधन देखरेख कर रहा है। जमुना ने चौथी बार शावकों को जन्म दिया है। अब चिड़ियाघर में बाघों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है।
चौथी मर्तबा जमुना ने बढ़ाया कुनबा
रॉयल बंगाल टाइगर (बाघिन) 9 वर्षीय जमुना ने चौथी बार शावकों को जन्म दिया है। पिछली बार जमुना ने चार शावकों को जन्म दिया था जिसमें से एक सफेद शावक था। जमुना अब तक 14 शावकों को जन्म दे चुकी है। इनमें से कुछ एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत बाहर भी भेजे गए हैं।
वहीं, इसी प्रोग्राम के तहत इंदौर चिड़ियाघर में कुछ अन्य जानवर भी लाकर बसाए जा रहे हैं। उत्तम यादव, प्रभारी प्राणाी संग्रहालय इंदौर का कहना है कि बाघिन और तीनों शावक पर नजरबाघिन जमुना और तीनों शावकों की हालत ठीक है, फिलहाल जमुना अपने शावकों के पास है। हम लगातार नजर रख रहे हैं। अब बाघ की संख्या बढ़कर 11 हो गई है।
प्रदेश का सबसे पुराना चिड़ियाघर
प्रदेश के सबसे पुराने इंदौर चिड़ियाघर से लगातार खुशखबरी आ रही है। 10 अगस्त को ही शेरनी मेघा ने दो शावकों को जन्म दिया था और अब बाघिन जमुना का कुनबा बढ़ा है। 1974 में स्थापित इस चिड़ियाघर को प्रदेश का सबसे बड़ा चिड़ियाघर भी माना जाता है, जो विस्तार के बाद करीब 50 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैला है।