यहां भगवान हाथ में लिए हैं धन की पोटली, 750 साल पुराना है मंदिर का इतिहास

जूनी इंदौर में शनि मंदिर के पास लगभग 750 साल पहले राजस्थान से आए गड़रियों ने सिद्दी विनायक गणेश की स्थापना की थी।

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Jan 18, 2017
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(इंदौर में पोटली वाले गणेश मंदिर के दर्शन।)

इंदौर। जूनी इंदौर में शनि मंदिर के पास करीब 750 साल पुराना एक गणेश मंदिर है। यहां पर हर भक्त की मन्नतें बप्पा स्वयं पूरी करते हैं। मंदिर के इतिहास से भी एक अनोखी कहानी जुड़ी है जो इस मंदिर को भक्तों की श्रद्धा का केंद्र बनाती है। ऐसा कहा जाता है कि यह पूरे देश में भगवान गणेश की इकलौती ऐसी प्रतिमा है जहां पर श्री गणेश के हाथ में धन से भरी हुई पोटली है। अब जल्द ही इस मंदिर को देश के खास कलाकारों द्वारा गणेश महल का रूप दिया जा रहा है। राजस्थान से आए गड़रियों ने भगवान की मूर्ति की स्थापना की थी। जिनकी शादी नहीं होती उन लोगों के लिए इस मंदिर में विशेष पूजा का आयोजन किया जाता है।


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इस मंदिर की एक और विशेषता यह है कि यहां पर जिन लोगों की शादी रुकी होती है, उन्हें पूजन के लिए गणेश जी को चढ़ाई हुई हल्दी की गांठ दी जाती है। ऐसी मान्यता है कि यहां पर भगवान गणेश पोटली के साथ विराजमान हैं इसलिए ऐसी प्रतिमा की पूजा करने से संपन्नता आती है। इंदौर के पौराणिक परिवार कई पीढ़ियों से गणेश मंदिर की सेवा करते आ रहे हैं। कुछ सालों पहले यहां पर सवा लाख हल्दी की गांठों की विशेष पूजन की गई थी। इन्ही गांठों को भक्तों की मन्नत पूरी करने के लिए दिया जाता है।

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हल्दी की गांठों से होती है मन्नत पूरी

जिन युवक और युवतियों की शादी में कोई बाधा आ रही हो या हो नहीं रही हो तो ऐसे लोगों को मंदिर से प्राण प्रतिष्ठित हल्दी की गांठें दी जाती हैं। ये भक्त गांठें भक्त अपने घर में रखकर इनकी पूजा अर्चना करते हैं। इससे उनकी सारी मन्नतें पूरी होती हैं। जिनकी शादी रुकी हुई हो उनकी शादी भी हो जाती है। जिन लोगों के विवाह में या अन्य किसी कार्य में बाधा होती है। उन्हें गुरूवार के दिन यहां से सिद्ध की हुई हल्दी की गांठ दी जाती हैं। इस गांठ को पीले कपड़े में लपेटकर पूजा करने से बाधाएं दूर होती हैं और अविवाहितों का शीघ्र विवाह हो जाता है।
Published on:
18 Jan 2017 08:29 am
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