इंदौर

Vyapam Scam- फिर जागा व्यापम घोटाले का भूत, जानिए जांच की याचिका पर कोर्ट ने क्या कहा

यह याचिका पूर्व विधायक पारस सकलेचा ने दायर की थी जिसमें व्यापम घोटाले की जांच के लिए समय सीमा तय करने की मांग की गई थी

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Apr 24, 2024

एमपी में व्यावसायिक परीक्षा मंडल यानि व्यापम घोटाले का भूत जब तब जाग उठता है। प्रदेश का यह ऐसा घोटाला है जिसकी देशभर में चर्चा होती रही है। व्यापम घोटाले के नाम पर कांग्रेस भी प्रदेश की बीजेपी सरकारों को घेरती रहती है। करीब नौ साल से यह मामला जांच के घेरे में है। अब एक बार फिर इस घोटाले की जांच पर सवाल उठाया गया है। इसके लिए एक जनहित याचिका मप्र हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ में दायर की गई।

हालांकि इंदौर हाईकोर्ट ने ये याचिका खारिज कर दी। यह याचिका पूर्व विधायक पारस सकलेचा ने दायर की थी जिसमें व्यापम घोटाले की जांच के लिए समय सीमा तय करने की मांग की गई थी। कोर्ट ने इस आधार पर सकलेचा की याचिका खारिज कर दी कि उनके पास इसके लिए वैधानिक अधिकार नहीं था।

पारस सकलेचा की याचिका को इंदौर हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति एसए धर्माधिकारी और न्यायमूर्ति गजेंद्र सिंह की युगल पीठ ने सारहीन करार दिया। कोर्ट ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता ने गलत धारणा के आधार पर यह याचिका प्रस्तुत की है।

क्या था याचिका में
पारस सकलेचा ने इस याचिका में कहा था कि व्यापम घोटाला की नौ वर्ष बाद भी जांच पूरी नहीं हुई है। याचिका में केंद्र और राज्य सरकार को इस घोटाले की तय समय सीमा में जांच पूरी करने के आदेश देने की मांग की गई।

कोर्ट में केंद्र सरकार की ओर से एडवोकेट हिमांशु जोशी और राज्य सरकार की ओर से प्रदेश के अतिरिक्त महाधिवक्ता आनंद सोनी पेश हुए। दोनों अधिवक्ताओं ने याचिका को ही निरस्त करने की मांग की। दोनों पक्षों के तर्क सुनने के बाद न्यायमूर्ति एसए धर्माधिकारी और न्यायमूर्ति गजेंद्र सिंह की पीठ ने याचिका निरस्त कर दी। व्यापम घोटाला करीब 11 साल पहले सन 2013 में सामने आया था।

Updated on:
25 Apr 2024 11:54 am
Published on:
24 Apr 2024 08:34 pm
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