आबकारी विभाग को नहीं पता कहां करेंगे शिफ्ट
इंदौर. रहवासी खासकर महिलाएं अपनी जिद्द पर आएं तो प्रशासन की हठधर्मिता भी बौनी हो जाती है। महिलाओं के विरोध के बाद आखिरकार शराब दुकानें शिफ्ट होना शुरू हो चुकी है। खंडवा रोड स्थित नर्मदा नगर शराब दुकान के बाद अब एमआर-९ चौराहा स्थित देशी-विदेशी शराब दुकान के साथ ही अहाता भी हटेगा। कोर्ट ने शराब ठेकेदार की याचिका गुरुवार को खारिज कर दी। ठेकेदार ने दुकान खाली किए जाने के लिए इंदौर विकास प्राधिकरण (आइडीए) अफसरों से समय मांगा है। ठेकेदार शराब दुकान कहां शिफ्ट कर रहा है, इस संबंध में आबकारी विभाग को कोई जानकारी नहीं है।
एमआर-९ चौराहा पर देशी-अंग्रेजी शराब दुकान का महिलाएं लंबे समय से विरोध कर रही थीं। उन्हें विधायक महेंद्र हार्डिया का भी साथ मिला और उन्होंने आबकारी विभाग और प्रशासन से दुकान हटाए जाने की संबंध में चर्चा की, लेकिन प्रशासन दुकान को शिफ्ट करने पर मंथन ही करता रहा। इसी बीच विधायक हार्डिया और आइडीए अध्यक्ष शंकर लालवानी के बीच चर्चा के बाद आइडीए ने अपनी जमीन से शराब दुकान हटाने की तैयारी कर ली। आइडीए अफसर उक्त दुकान को खाली कराने के लिए पिछले दिनों बुलडोजर लेकर पहुंच गए, जहां आबकारी विभाग के अफसर भी ठेकेदार के पक्ष में खड़े हो गए। आइडीए अफसर राजकुमार हलधर की इस दौरान ठेकेदार से बहस भी हुई और उन्होंने ठेकेदार को ३१ मई तक दुकान हर हाल में हटाने का अल्टीमेटम दे दिया। इसी बीच ठेकेदार कोर्ट में चला गया। कोर्ट के निर्देश पर ही प्रशासन ने बुधवार को सीमांकन कराया। जहां शराब दुकानें और अहाता आइडीए की जमीन पर होना पाया गया।
पहले ही दे दी थी अंडरटेकिंग-
सूत्रों के मुताबिक, ठेकेदार को सीमांकन के दौरान पता चला कि उक्त जमीन आइडीए की है। इसके बाद बुधवार शाम को उसने अंडरटेकिंग देकर गुरुवार शाम तक दुकान खाली करने के लिए समय मांगा था। आइडीए के सहायक भूअर्जन अधिकारी राजकुमार हलधर ने इसकी पुष्टि की।
ठेकेदार ने अभी हमें सूचना नहीं दी है कि वह दुकान कहां शिफ्ट करेगा। लाइसेंस शर्तों के अनुसार संबंधित क्षेत्र में वह दुकान लगा सकता है।
- नरेश कुमार चौबे, सहायक आयुक्त आबकारी विभाग